सड़क सुरक्षा अभियान पर फतेहपुर में ‘खाकी’ का ग्रहण? “पुलिस कांस्टेबल बोला के आनाजानी हैं लिखेड़ी होसी बिया होसी”
एसपी के सड़क सुरक्षा दावों की खाकी ने ही उड़ाई धज्जियां... बिना इंश्योरेंस की बाइक, पर बिना हेलमेट के मौत का सफर करते दिखे पुलिसकर्मी... क्या सार्वजनिक होगा चालान?
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : अनिल शेखीसर
सीकर : सड़क पर कोई आम नागरिक बिना हेलमेट या बिना इंश्योरेंस निकल जाए तो पुलिस नियम-कानून का हवाला देकर चालान काट देती है, वाहन जब्त कर लेती है और कानून का पाठ भी पढ़ाती हैं। लेकिन जब कानून के रखवाले ही कानून तोड़ते नजर आएं, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। सीकर जिले के फतेहपुर में ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एसपी सीकर के सड़क सुरक्षा अभियान की पोल खुद पुलिस लाइन के दो सिपाहियों ने खोल दी।
मौत की सवारी और खाकी का अहंकार
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे फतेहपुर कोर्ट परिसर के सामने राजस्थान पुलिस (पुलिस लाइन) के चालानी गार्ड कांस्टेबल सुभाष चंद और पूरण राम एक ही बाइक पर बिना हेलमेट सवार होकर निकले। जब जनमानस शेखावाटी न्यूज की टीम ने सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल किया तो पूरण राम ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, लेकिन कांस्टेबल सुभाष चंद का जवाब चौंकाने वाला था।
उन्होंने कहा, “के आनाजानी हैं लिखेड़ी होसी बिया होसी… हेलमेट कुन सो आड आजी सी… हेलमेट कुन सो उमर घाल हैं। होनी होनी के बल होवे हैं।”
जब पत्रकार ने उन्हें याद दिलाया गया कि पुलिस खुद नियम तोड़ेगी तो जनता को क्या संदेश जाएगा, तो उन्होंने कहा, “ज्यादा ज्ञान मत दो, अपना काम करो… होनी होनी के बल होनी हैं।”
एक साल से बिना इंश्योरेंस दौड़ रही ‘खाकी’ की निजी बाइक!
जब हमारी टीम ने इस बाईक का चिट्ठा खंगाला तो सामने आया कि जिस निजी बाइक पर दोनों जवान सवार थे, उसका इंश्योरेंस 29 मार्च 2025 को ही समाप्त हो चुका है। यानी करीब एक साल से अधिक समय से यह बाइक बिना वैध बीमा के सड़कों पर दौड़ रही है। जिस वाहन को आम नागरिक चलाए तो तुरंत कार्रवाई हो जाए, उसी पर पुलिसकर्मी खुलेआम नियम तोड़ते नजर आए।

कोतवाल बोले – ‘समझा समझाकर थक गए, नहीं मानेंगे तो खुद भुगतेंगे!’ इस मामले पर कोतवाली थाना फतेहपुर के थाना प्रभारी महेंद्र कुमार मीणा ने कहा-
“दोनों जवानों ने गलत किया है। पुलिस ही नियम तोड़ेगी तो जनता को क्या संदेश जाएगा? इन्हें कई बार समझाया गया है। फिर भी नहीं मानते हैं तो एक दिन खुद भुगतेंगे। उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कहेंगे। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए फिर हिदायत दी जाएगी। इस तरह की हरकतों से पुलिस की छवि भी खराब होती है।” – महेंद्र कुमार मीणा, थाना प्रभारी, कोतवाली थाना फतेहपुर, सीकर

इस पुलिसिया लापरवाही के बाद आमजन में सवाल खड़े हो रहे हैं और मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड पकड़ रहा है। एसपी सीकर साहब, जिले में सड़क सुरक्षा अभियान चल रहा है, लेकिन आपकी ही पुलिस लाइन के जवान नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। आम नागरिक से छोटी-सी गलती पर चालान व कार्रवाई होती है, तो क्या वर्दीधारियों के लिए अलग कानून है?
करीब एक साल से बिना इंश्योरेंस बाइक चल रही थी, फिर भी किसी अधिकारी की नजर क्यों नहीं पड़ी? क्या वर्दी पहन लेने से नियमों से छूट मिल जाती है?
पत्रकार को “होनी-होनी” का ज्ञान देकर टालने वाले कांस्टेबल पर केवल हिदायत होगी या मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई भी होगी? क्या एसपी सीकर इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर अनुशासनात्मक कदम उठाएंगे या मामला फाइलों में दब जाएगा?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कानून तोड़ने वाले इन पुलिसकर्मियों पर वही कार्रवाई होती है या नहीं, जो आम नागरिकों पर की जाती है। क्या खाकी इस मामले में चालान काटकर सार्वजनिक करेगी ये देखना होगा
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19




Total views : 2286544


