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सिंघाना नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए तीन नामांकन दाखिल:भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में, निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम


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सिंघाना नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए तीन नामांकन दाखिल:भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में, निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम

सिंघाना नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए तीन नामांकन दाखिल:भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में, निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम

सिंघाना : सिंघाना नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बुधवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान तीन नामांकन दाखिल हुए। अध्यक्ष पद के लिए कुल पांच नामांकन पत्र खरीदे गए थे, लेकिन तय समय तक सिर्फ तीन नामांकन ही जमा हुए। अब अध्यक्ष पद की दौड़ में भाजपा, कांग्रेस और एक निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं।

जानकारी के अनुसार, भाजपा की ओर से रानू देवी ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। वहीं, कांग्रेस की ओर से पिंकी सैनी ने नामांकन भरा। इसके अलावा, रानू देवी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी एक नामांकन दाखिल किया है। नामांकन दाखिल होने के बाद अब नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है। बता दें कि सिंघाना नगरपालिका के 35 वार्डों के लिए 11 सितंबर को चुनाव हुआ था।

चुनाव परिणाम में कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों ने बराबर 13-13 वार्डों में जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा के 9 प्रत्याशी चुनाव जीतकर पार्षद बने। इस तरह किसी भी एक दल को साफ बहुमत नहीं मिला है। नगरपालिका में अध्यक्ष बनाने के लिए 18 पार्षदों का समर्थन जरूरी है।

ऐसे में कांग्रेस के पास 13, भाजपा के पास 9 और निर्दलीय पार्षदों की संख्या 13 है। बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए दोनों प्रमुख दलों को निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है।

13 निर्दलीय पार्षद किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में जाते हैं, तो अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा हासिल करना संभव होगा। इसी वजह से निर्दलीय पार्षदों को राजनीतिक समीकरणों में किंगमेकर के तौर पर देखा जा रहा है। नामांकन दाखिल होने के बाद अब पार्षदों के समर्थन को लेकर दोनों प्रमुख दलों की रणनीति पर नजर रहेगी। 21 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए अंतिम स्थिति साफ होगी।

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