[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

गुढ़ागौड़जी में निकली गणगौर की सवारी:जगह-जगह श्रद्धालुओं ने किया स्वागत, प्रशासन ने की पुख्ता व्यवस्थाएं


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
गुढ़ागौड़जीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

गुढ़ागौड़जी में निकली गणगौर की सवारी:जगह-जगह श्रद्धालुओं ने किया स्वागत, प्रशासन ने की पुख्ता व्यवस्थाएं

गुढ़ागौड़जी में निकली गणगौर की सवारी:जगह-जगह श्रद्धालुओं ने किया स्वागत, प्रशासन ने की पुख्ता व्यवस्थाएं

गुढ़ागौड़जी : गुढ़ागौड़जी कस्बे में इस वर्ष भी गणगौर पर्व पर भव्य सवारी का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ, जिसे क्षेत्र के सबसे बड़े और सुव्यवस्थित धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इसमें समाज के लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि गणगौर उत्सव हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, जिसे सौभाग्य, समृद्धि और पारिवारिक सुख-शांति का प्रतीक माना जाता है। गुढ़ागौड़जी में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसका पालन समाज के लोग पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ करते हैं।

एक वेशभूषा में शामिल हुए अधिकांश श्रद्धालु

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाज बंधु एकत्रित हुए। आयोजन की एक विशेष बात यह रही कि अधिकांश लोग एक समान वेशभूषा में शामिल हुए, जिससे अनुशासन और भव्यता और भी निखर कर सामने आई। पुरुषों ने केसरिया साफा, सफेद धोती-चोगा अथवा सफेद कमीज-पैंट पहनकर सहभागिता निभाई।

गणगौर सवारी शाम करीब 5 बजे झुंझारपोल से प्रारंभ हुई। यह कस्बे के विभिन्न प्रमुख मार्गों जैसे पाना रूप सिंह, पाना किशोर सिंह, गोविंद देव मंदिर, आमली चौक, बास नरूका, विवेकानंद चौक, घूमचक्कर, गढ़ी पाना, रामलीला मैदान और पारीक चौक से होते हुए गोपीनाथ मंदिर पहुंची।

सवारी के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने इसका भव्य स्वागत किया। इस दौरान बाजार में मेले का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सवारी दुबारा झुंझारपोल पहुंची, जहां विधिवत समापन हुआ। आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन और स्थानीय समितियों ने पुख्ता व्यवस्थाएं की थीं। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए अनुशासन बनाए रखने की सराहना की।

Related Articles