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बेबस दिख रहे जिम्मेदार..? फतेहपुर में ‘मौत को दावत’ देता सिस्टम: 5 दिन से जमीन पर बिछी है हाईटेंशन लाइन, अफसरों के ‘तबादला सिस्टम ‘ में पिस रही फतेहपुर की जनता!


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बेबस दिख रहे जिम्मेदार..? फतेहपुर में ‘मौत को दावत’ देता सिस्टम: 5 दिन से जमीन पर बिछी है हाईटेंशन लाइन, अफसरों के ‘तबादला सिस्टम ‘ में पिस रही फतेहपुर की जनता!

आया राम, गया राम' के खेल में उलझी सिटी शाखा फतेहपुर, रोलसाबसर एईएन के भरोसे चल रहा फतेहपुर का बिजली ढांचा..। ए.ई. एन नही कर रहे फतेहपुर को ज्वाइन तो ​फतेहपुर सिटी शाखा से हटने को तैयार नहीं विवादित टेक्निकल हेल्पर, रिलीविंग पर उठ रहे बड़े सवाल

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : अनिल शेखीसर

​फतेहपुर : एक तरफ सूबे की सरकार और अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड घर-घर चौबीस घंटे ‘उच्च गुणवत्ता’ और ‘सुरक्षित’ बिजली सप्लाई के बड़े-बड़े दावे ठोकते नहीं थकते, तो वहीं दूसरी तरफ फतेहपुर सिटी शाखा की जमीनी हकीकत इन दावों के परखच्चे उड़ा रही है। शहर के नारी रोड पर पिछले 5 दिनों से एक टूटा हुआ हाईटेंशन बिजली पोल और जमीन पर रेंगती हुई मौत (बिजली के चालू तार) विभाग की घोर लापरवाही और नकारापन की गवाही दे रहे हैं।

मखमली दफ्तरों में बैठे हुक्मरानों को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है, क्योंकि जनता के बार-बार गिड़गिड़ाने और टोल-फ्री से लेकर आलाधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी महकमा कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।

सड़क पर पसरा मौत का वायर

​जमीन पर दौड़ रहा है करंट, घरों के मुहाने पर बिछा मौत का जाल
​स्थानीय निवासी पंकज कुमार जाखड़ ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि नारी रोड पर यह पोल पिछले 5 दिनों से टूटा पड़ा है। पोल से टूटी केबल और घरों में जाने वाली सप्लाई की लाइनें सीधे सड़क पर सो रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस लाइन में करंट चालू है। राहगीर, स्कूली बच्चे और बेजुबान पशु रोज इस मौत के जाल के ऊपर से गुजरने को मजबूर हैं। आमजन के भीतर दहशत का माहौल है, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी किसी जिम्मेदार अधिकारी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है।

​तबादलों का तमाशा: मनचाही सीट के चक्कर में सीटी शाखा की ‘कुर्सी खाली
​फतेहपुर की जनता इस वक्त बिजली विभाग के अजीबोगरीब ‘तबादला उद्योग’ का दंश झेल रही है। फतेहपुर सिटी शाखा में अधिकारियों की तैनाती केवल कागजी खिलौना बनकर रह गई है: ​मोहित कुमार मील का ट्रांसफर फतेहपुर एईएन के पद पर हुआ, लेकिन उन्होंने रसूख का इस्तेमाल कर अपना ट्रांसफर ही कैंसिल करवा लिया और फतेहपुर ज्वाइन नहीं किया।

ट्रांसफर के बाद रिलीविंग पर उठ रहे सवाल..?

​इसके बाद विवेक ओला के ट्रांसफर ऑर्डर फतेहपुर सिटी शाखा के लिए जारी हुए, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्होंने यहां कदम तक नहीं रखा। चर्चा है कि वे भी पर्दे के पीछे से ऑर्डर कैंसिल करवाने की गोटी फिट करने में लगे हैं। ​नतीजतन, विभाग ने अस्थाई तौर पर रोलसाबसर एईएन पी.डी. अग्रवाल को फतेहपुर सिटी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।

​ट्रांसफर के बाद भी सीट से ‘चिपके’ हैं टेक्निकल हेल्पर तोसिब खान!
​फतेहपुर सिटी शाखा में नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी चलाने का एक और बड़ा मामला सामने आया है। लंबे समय से विवादों में रहे और अखबारों की सुर्खियां बटोरने वाले टेक्निकल हेल्पर तोसिब खान का ट्रांसफर सिटी से ग्रामीण शाखा में कर दिया गया था। तोसिब खान पर आरोप हैं कि वे टेक्निकल हेल्पर होते हुए भी मुख्य सीट (सीसी बाबू) पर अवैध रूप से कुंडली मारकर बैठे थे, जिसके काफी वीडियो भी वायरल हुए थे।

​हैरत की बात यह है कि ट्रांसफर ऑर्डर जारी होने के कई दिनों बाद भी तोसिब खान को रिलीव नहीं किया गया है। आखिर ऐसा कौन सा ‘राजनीतिक वरदहस्त’ या विभागीय साठगांठ है जिसके कारण एक टेक्निकल हेल्पर अपनी सीट छोड़ने को तैयार नहीं है और जिम्मेदार अफसर बेबस नजर आ रहे हैं?

लाइन में दौड़ रहा करंट

​जिम्मेदारों के ‘गोल-मोल’ जवाब: सुनिए साहिब क्या कहते हैं!
​”पोल के संबंध में जेईएन को बोलता हूं। एईएन मोहित मील ने अपना ट्रांसफर कैंसिल करवा लिया था और विवेक ओला ने भी अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। लगता हैं वो भी शायद कुछ कर रहे हैं। इसलिए रोलसाबसर एईएन को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। तोसिब खान ने अगर खुद को रिलीव नहीं किया है, तो उन्हें रिलीव तो करना ही पड़ेगा। मैं इस मामले में सुबह ही बात कर जल्द रिलीव करवाता हूं।”
शिवपाल कासनिया (अधिशासी अभियंता, फतेहपुर सीकर)

​”मुझे आज ही फतेहपुर सिटी का अतिरिक्त चार्ज मिला है। पोल कहां टूटा हुआ है, मैं तुरंत पता करवाकर उसे ठीक करवाता हूं। सुनने में आया है कि कई अधिकारियों के ट्रांसफर फतेहपुर के लिए हुए हैं, लेकिन किसी ने ज्वाइन नहीं किया। तोसिब खान ने अभी तक रिलीव क्यों नहीं किया, इसे मैं कल ही देखकर उन्हें रिलीव करवाता हूं।”— पी.डी. अग्रवाल (सहायक अभियंता, रोलसाबसर – चार्ज फतेहपुर सिटी)

​जनता के सवाल?:
​फतेहपुर की जनता पूछ रही है कि नेताओं के बड़े-बड़े भाषणों और अजमेर विद्युत वितरण निगम की कागजी गुणवत्ता के बीच इस जर्जर सिस्टम की बलि कौन चढ़ेगा? यदि इस टूटे पोल और फैले करंट की वजह से कोई अनहोनी होती है, तो क्या इसका मुकदमा इन लापरवाह अधिकारियों और ट्रांसफर के खेल में व्यस्त नेताओं पर दर्ज होगा? प्रशासन को अब वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर इस रेंगती हुई मौत का इलाज तुरंत करना होगा।

पूरे मामले में एक बात साफ हैं फतेहपुर बिजली विभाग का सिस्टम फिलहाल राम भरोसे चल रहा हैं और नेता बेबस दिखाई दे रहे हैं।

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