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झुंझुनूं में शिक्षक बोले-OBC सर्वे दूसरी एजेंसी से करवाए सरकार:बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही; गैर-शैक्षणिक कार्यों को बताया गलत


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झुंझुनूं में शिक्षक बोले-OBC सर्वे दूसरी एजेंसी से करवाए सरकार:बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही; गैर-शैक्षणिक कार्यों को बताया गलत

झुंझुनूं में शिक्षक बोले-OBC सर्वे दूसरी एजेंसी से करवाए सरकार:बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही; गैर-शैक्षणिक कार्यों को बताया गलत

झुंझुनूं : झुंझुनूं जिले के सरकारी स्कूलों में कार्यरत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने आगामी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सर्वे कार्य का विरोध शुरू कर दिया है। इस काम से मुक्त करने की मांग को लेकर जिले भर के बीएलओ ने एकजुट होकर अपने-अपने क्षेत्र के उपखंड अधिकारियों (SDM) को ज्ञापन सौंपा है। इसी कड़ी में आज झुंझुनूं मुख्यालय पर भी एसडीएम को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया गया।

शिक्षकों का कहना है कि गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगातार ड्यूटी लगाए जाने से सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा रही है।

15 दिनों के सर्वे से बाधित होगी बच्चों की पढ़ाई

ज्ञापन में बीएलओ ने बताया- आगामी ओबीसी सर्वे की प्रक्रिया लगभग 15 दिनों तक चलने वाली है। जिले में अधिकांश बीएलओ सरकारी स्कूलों में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, इसलिए इतनी लंबी अवधि तक सर्वे के काम में व्यस्त रहने से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित होगी।

शिक्षकों का कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र अभी शुरू ही हुआ है। ऐसे में लंबे समय तक शिक्षकों के स्कूल से अनुपस्थित रहने के कारण स्टूडेंट्स का कोर्स समय पर पूरा नहीं हो पाएगा, जिससे उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा।

अतिरिक्त काम देने का विरोध

शिक्षकों ने सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि वे पहले से ही चुनाव आयोग के अधीन बीएलओ के रूप में नियुक्त हैं और चुनाव संबंधी कार्य ही उनकी पहली प्राथमिकता है। शिक्षकों ने चिंता जताई कि यदि उन्हें ओबीसी सर्वे जैसे अन्य अतिरिक्त कामों में भी लगाया गया, तो न केवल चुनाव संबंधी कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि उनका मूल काम यानी बच्चों को पढ़ाना भी पूरी तरह ठप हो जाएगा।

शिक्षकों ने प्रशासन से सभी बीएलओ (शिक्षकों) को ओबीसी सर्वे के प्रगणक कार्य से तुरंत मुक्त करने की मांग की है। साथ ही इस सर्वे के काम को शिक्षा विभाग के बजाय किसी अन्य सरकारी विभाग या एजेंसी के जरिए पूरा कराने और शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है।

बीएलओ का कहना है कि वे जनहित के कार्यों में सहयोग करने से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। शिक्षकों ने जिला प्रशासन से इस मामले में जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है ताकि स्कूलों का शैक्षणिक माहौल खराब न हो और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।

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