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सबूत मिटने का था डर, तो हाथों-पैरों पर छाप डाली ससुराल वालों के जुर्म की खौफनाक दास्तां, न्याय के लिए छोड़ा आखिरी पैगाम!


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सबूत मिटने का था डर, तो हाथों-पैरों पर छाप डाली ससुराल वालों के जुर्म की खौफनाक दास्तां, न्याय के लिए छोड़ा आखिरी पैगाम!

पीड़िता ने सबूत के तौर पर अपने ही शरीर पर मेहंदी से ससुराल वालों की प्रताड़ना की पूरी कहानी लिख डाली. मायके पक्ष ने भी संबंधित मामले में शिकायत दर्ज कराई हैं. पुलिस डिजिटल साक्ष्य तलाश रही है जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी

मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से सामने आए संवेदनशील मामले ने एक बार ससुराल में महिलाओं पर हो रही प्रताड़ना के खिलाफ तीखी बहस छेड़ दी है. ताजा मामला झकझोर देने वाला है जहां एक पीड़िता ने अपने ससुराल वालों के जुर्मों की दास्ता अपने शरीर पर मेहंदी से छाप ली और जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली. यह घटना चौरई थाना क्षेत्र की बताई जा रही है जहां जहर खाने के बाद जब पीड़िता की हालत खराब हुआ तो अस्तपाल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. जब पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो महिला के शव से पूरी वारदात का एक मात्र सबूत बरामद हुआ जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है.

मेहंदी से लिखकर बयां किया दर्द

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2013 में चन्हियाखुर्द लखन वर्मा की शादी प्रीति से हुई थी. आरोप हैं कि 32 वर्षीय प्रीति को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. जान देने से पहले पीड़िता ने अपने शरीर पर मेहंदी से ससुराल वालों के जुर्म की दांस्ता लिख डाली. पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने अपना दर्द शरीर पर मेहंदी से लिखकर बयां किया है- कभी जीवन में जेल से बाहर नहीं आना चाहिए. मुझे मां-बहन की गालियां देते थे. जेठ-जेठानी मुझे छूने तक नहीं देते थे. इनकी मां ने बहुत बातें सुनाई हैं. फोन में रिकॉर्डिंग हैं. पांच लोग हैं, उन्हें मेरा शरीर छूने नहीं देना.

मेहंदी से ही क्यों लिखी अपनी दास्तां

पुलिस और जांच अधिकारियों का अनुमान है कि पीड़िता को कागज या दीवार या अन्य माध्यम से सुसाइड नोट के नष्ट किए जाने का डर होगा जिसके चलते उसने अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी से संदेश लिखा ताकि वो दुनिया तक सुरक्षित पहुंच जाए. पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में पीड़िता की हालत गंभीर होने के चलते उसका बयान नहीं लिया जा सका लेकिन शरीर पर लिखे मैसेज को फोटो और वीडियो के जरिए रिकॉर्ड करवाया जा चुका है. इन्हीं सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मायके वालों ने लगाए प्रताड़ना के आरोप 

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता प्रीति द्वारा जहरीला पदार्थ खाने पर शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसके बाद रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पीड़िता के भाई और माता का आरोप है कि उनकी बेटी को ससुराल में लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा है जिसे लेकर थाने में 2 से 3 बार शिकायत दर्ज कराई गई थी. उन्होंने अपनी बेटी को कई बार समझौता कराने के बाद वापस भेजा था. थक हारकर उनकी बेटी ने यह खौफनाक कदम उठाया है. हालांकि पुलिस ने ऐसी किसी भी शिकायत के मिलने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है. लेकिन मृतका के मायके पक्ष के बयान, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि आत्महत्या के असल कारणों और आरोपों की सत्यता की जांच की जा सके.

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