सीएचसी गणेश्वर में शिशु रोग विशेषज्ञ से मारपीट,हाथ में फ्रैक्चर:ग्रामीणों ने अस्पताल गेट पर लगाया ताला, गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे
सीएचसी गणेश्वर में शिशु रोग विशेषज्ञ से मारपीट,हाथ में फ्रैक्चर:ग्रामीणों ने अस्पताल गेट पर लगाया ताला, गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे
नीमकाथाना : गणेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरुवार दोपहर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार गुर्जर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। हमले में डॉक्टर के एक हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि दूसरे हाथ की अंगुली में चोट आई है। घटना के बाद अस्पताल स्टाफ, चिकित्सकों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। चिकित्सकों ने सदर नीमकाथाना थाने में मामला दर्ज करवाकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
डॉ. मुकेश गुर्जर ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2:15 बजे वह ड्यूटी पूरी कर सरकारी क्वार्टर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट करने का प्रयास किया। शोर सुनकर डॉक्टर की पत्नी बाहर आईं और उन्हें क्वार्टर के अंदर ले गईं। कुछ देर बाद जब डॉ. मुकेश एक मरीज को देखने अस्पताल पहुंचे तो आरोपी युवक भी उनके पीछे अस्पताल पहुंच गया।

अस्पताल के कमरे में घुसकर मारपीट का आरोप
आरोप है कि आरोपी ने अस्पताल के एक कमरे में घुसकर डॉ. मुकेश के साथ मारपीट की। शोर सुनकर अस्पताल स्टाफ और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घायल डॉक्टर को प्राथमिक उपचार के बाद नीमकाथाना जिला अस्पताल रेफर किया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. कैलाश गुर्जर ने बताया कि आरोपी पिछले चार-पांच दिनों से डॉ. मुकेश को परेशान कर रहे थे। आरोप है कि उन्हें तबादला करवाने और जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं। डॉ. कैलाश ने बताया कि गुरुवार को योजना बनाकर डॉक्टर पर हमला किया गया।

एफआईआर में दो लोगों के नाम, तबादले की धमकी देने का आरोप
डॉ. मुकेश की ओर से दर्ज एफआईआर में सतवीर यादव और आशुतोष शर्मा के नाम बताए गए हैं। एफआईआर के अनुसार, दोनों आरोपी लगातार तबादले की धमकी दे रहे थे। आरोप है कि आशुतोष शर्मा ने अस्पताल में घुसकर डॉक्टर के साथ मारपीट की।
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण और अस्पताल स्टाफ सीएचसी परिसर में एकत्र हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना था कि मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। धरने में बाबूलाल सैनी, अवतार गुर्जर, रामलीला गुर्जर, रामनिवास सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
गिरफ्तारी नहीं हुई तो हड़ताल की चेतावनी
घटना के बाद चिकित्सक एकजुट होकर सदर नीमकाथाना थाने पहुंचे और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। डॉक्टरों और ग्रामीणों ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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