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शिमला में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित, 9 लोगों को मिले पट्टे; पेयजल संकट समेत कई समस्याएं उठीं


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शिमला में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित, 9 लोगों को मिले पट्टे; पेयजल संकट समेत कई समस्याएं उठीं

शिमला में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित, 9 लोगों को मिले पट्टे; पेयजल संकट समेत कई समस्याएं उठीं

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : अनिल शर्मा

शिमला : ग्राम पंचायत शिमला में गुरुवार 9 जुलाई को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नायब तहसीलदार प्यारेलाल चावला ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से मौके पर ही कई कार्यों का निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान की गई।

शिविर के दौरान 9 पात्र लोगों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। इसके अलावा पांच लोगों के रोडवेज रियायती यात्रा कार्ड बनाए गए, दो पशुओं का बीमा किया गया, आठ माह से बंद एक सामाजिक पेंशन का पुनः संचालन करवाया गया, तीन लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया तथा सात जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गोद भराई की रस्म भी संपन्न कराई गई। वहीं राजस्व विभाग ने दो खातों का विभाजन भी मौके पर ही किया।

शिविर में राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, ऊर्जा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। विकास अधिकारी महेंद्र सैनी ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान कर सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने गांव में बिजली के ढीले तारों को ऊंचा करवाने की मांग उठाई। साथ ही नाला निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित होने की समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी, जिस पर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।

ग्रामीणों ने बस स्टैंड स्थित खेल मैदान में लंबे समय से सूखी पड़ी पानी की टंकी को चालू करवाने की मांग भी की, जिस पर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों ने शिमला में लंबे समय से बने हुए भीषण पेयजल संकट पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराते हुए समस्या के स्थायी समाधान की मांग की गई।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा।शिविर के दौरान ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ के तहत जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया गया। इसी क्रम में अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अधिकारियों ने वर्षा जल संचयन, जल बचत तथा अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी राधेश्याम सैनी, ग्राम पंचायत शिमला की प्रशासक रीना देवी, पूर्व सरपंच धर्मेंद्र यादव, रोजगार सहायक शीशराम निनानिया, खेतड़ीनगर मंडल अध्यक्ष बनवारीलाल यादव, संजय वर्मा, प्रवीण मीणा, डॉ. चंद्रशेखर चौधरी, डॉ. सुरेश जाट, डॉ. निशा यादव, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश गर्वा, बजरंगलाल यादव, लाइनमैन देवेंद्र, कृषि पर्यवेक्षक चमनलाल, सुदेश यादव, पूर्व डेलीगेट रामनिवास यादव, ताराचंद यादव, सुरेंद्र यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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