[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

जिसे छोड़ गए मां-बाप, उसे अपनाने के लिए उमड़े लोग


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

जिसे छोड़ गए मां-बाप, उसे अपनाने के लिए उमड़े लोग

झुंझुनूं में पालना गृह में मिली नवजात को गोद लेने की इच्छा जताने पहुंचे लोग

झुंझुनूं : राजकीय बीडीके जिला अस्पताल के पालना गृह में मिली नवजात बच्ची की सेहत में अब लगातार सुधार हो रहा है। मंगलवार रात मिली बच्ची का इलाज अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की हालत पहले से बेहतर है और उपचार का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।

बच्ची की जानकारी सामने आने के बाद उसे गोद लेने की इच्छा रखने वाले कई लोग अस्पताल पहुंचने लगे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्ची को गोद देने का निर्णय केवल बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही लिया जाएगा।

मदर मिल्क बैंक से मिल रहा दूध, डॉक्टरों की निगरानी में उपचार

अस्पताल के पीएमओ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि नवजात बच्ची के इलाज के लिए चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। बच्ची को मदर मिल्क बैंक से दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है। आवश्यक जांच और उपचार के साथ उसकी देखभाल की जा रही है।उन्होंने बताया कि जब बच्ची पालना गृह में मिली थी, तब उसे सांस लेने में परेशानी थी। उसका वजन करीब 1850 ग्राम था और स्थिति नाजुक थी। चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि बच्ची का जन्म करीब 24 से 48 घंटे पहले हुआ होगा। शुरुआती उपचार के बाद उसकी स्थिति को स्थिर किया गया।

अस्पताल या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख में हुई डिलीवरी

चिकित्सकों के अनुसार बच्ची की डिलीवरी किसी अस्पताल या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख में हुई होने की संभावना है। जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि जन्म के बाद उसकी प्राथमिक देखभाल की गई थी। फिलहाल डॉक्टर बच्ची के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

गोद लेने की प्रक्रिया होगी कानूनी नियमों के अनुसार

बच्ची को अपनाने की इच्छा लेकर अस्पताल पहुंच रहे लोगों के संबंध में अस्पताल प्रशासन ने कहा कि लोगों की भावनाएं सराहनीय हैं, लेकिन अस्पताल की जिम्मेदारी फिलहाल बच्ची के इलाज और देखभाल तक सीमित है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बच्ची के भविष्य से जुड़ा निर्णय बाल कल्याण समिति झुंझुनूं द्वारा लिया जाएगा। यदि बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो वह केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उसकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।

Related Articles