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पालना गृह में मिली नवजात की सेहत में सुधार:सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, सुबह दूध भी पीया


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पालना गृह में मिली नवजात की सेहत में सुधार:सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, सुबह दूध भी पीया

पालना गृह में मिली नवजात की सेहत में सुधार:सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, सुबह दूध भी पीया

झुंझुनूं : झुंझुनूं के राजकीय भगवानदास खेतान (बीडीके) अस्पताल के पालना गृह में मंगलवार शाम मिली नवजात बालिका के स्वास्थ्य में अब काफी सुधार है। डॉक्टरों की कड़ी निगरानी के बाद बच्ची अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पीएमओ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि मंगलवार को जब बच्ची को लाया गया था, तब उसका शारीरिक तापमान बहुत कम था और उसे सांस लेने में भी काफी तकलीफ हो रही थी।

डॉ. भाम्बू ने बताया कि आज बच्ची का तापमान पूरी तरह सामान्य है और उसके स्वास्थ्य में काफी सुधार है। सबसे सकारात्मक संकेत यह है कि बच्ची ने आज सुबह दूध भी लिया है। वर्तमान में डॉ. नयन झाझड़िया, डॉ. विजय झाझड़िया और रेजिडेंट डॉक्टरों की विशेष टीम एसएनसीयू (SNCU) में बच्ची की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं।

एक घंटी ने बचाई जान

BDK के अस्पताल में रात को कोई बच्ची को पालना गृह में छोड़ गया। मंगलवार रात करीब 8:50 बजे अस्पताल की आपातकालीन इकाई में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग अधिकारी सीमा को पालना गृह की घंटी सुनाई दी। आवाज सुनते ही नर्सिंग अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचीं, जहां कपड़ों में लिपटी एक नवजात बालिका सिसकियां भर रही थी। बच्ची को बिना देरी किए सीएमओ डॉ. राहुल सोनी के पास लाया गया। प्रारंभिक जांच के बाद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नयन झाझड़िया ने बच्ची को तुरंत नवजात गहन चिकित्सा इकाई (SNCU) में भर्ती कराया।

​बाल कल्याण समिति को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी

​पीएमओ डॉ. भाम्बू ने बताया कि मामले की लिखित सूचना बाल कल्याण समिति (CWC) को दे दी गई है। बच्ची के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद नियमानुसार उसे समिति को सुपुर्द कर दिया जाएगा। ​डॉ भाम्बू ने कहा कि परिजनों ने बच्ची को किसी झाड़ी या असुरक्षित स्थान पर फेंकने के बजाय पालना गृह में सुरक्षित छोड़ा। यह नवजात को फेंकें नहीं, पालना गृह में रखें अभियान की सफलता को दर्शाता है, जिसने एक मासूम की जान बचाई।

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