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झुंझुनूं जिला फुटबॉल संघ के चुनाव पर रोक:खिलाड़ियों के कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद प्रशासन का फैसला, जांच के आदेश


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झुंझुनूं जिला फुटबॉल संघ के चुनाव पर रोक:खिलाड़ियों के कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद प्रशासन का फैसला, जांच के आदेश

झुंझुनूं जिला फुटबॉल संघ के चुनाव पर रोक:खिलाड़ियों के कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद प्रशासन का फैसला, जांच के आदेश

झुंझुनूं : झुंझुनूं जिला फुटबॉल संघ (DFA) झुंझुनूं के आगामी चुनावों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। संघ के वर्तमान पदाधिकारियों पर नियमों की धज्जियां उड़ाने, गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताएं बरतने और तानाशाही रवैया अपनाने के आरोप लगे हैं। मामले के विरोध में ‘फुटबॉल बचाओ संघर्ष समिति, झुंझुनूं’ के बैनर तले जिलेभर के फुटबॉल खिलाड़ियों और रेफरियों ने जिला कलेक्ट्रेट पर आक्रोश रैली निकाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर और जिला खेल अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ​प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्तमान विवादित सचिव ने स्वयं को बचाने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग (उप-रजिस्ट्रार) के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं और अवैध रूप से चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन को सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, जिला फुटबॉल संघ द्वारा 24 मई 2026 को चुनाव कार्यक्रम और मतदाता सूची जारी की गई थी। इस सूची के सामने आते ही एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

फुटबॉल क्लब के मालिक और छात्र कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठ गए।
फुटबॉल क्लब के मालिक और छात्र कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठ गए।

​बिना नोटिस पुराने क्लबों को हटाया

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिले के दो सबसे पुराने क्लब गैर कानूनी तरीके से वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। इनमें कैलाश शर्मा के आरजे क्लब और मनोज कुमार सैनी के डेलिशा फुटबॉल क्लब को बिना किसी पूर्व सूचना, कारण बताओ नोटिस या सदस्यता समाप्ति आदेश के गैर-कानूनी ढंग से वोटर लिस्ट से बाहर करने का आरोप है। आरोप है कि वर्तमान पदाधिकारियों ने मनमर्जी से दो क्लबों को वोटर लिस्ट में शामिल किया है। इनमें एक क्लब के पदाधिकारी स्वयं सचिव के बेटे हैं, जबकि दूसरे में उनके रिश्तेदार काबिज हैं।

​उप-रजिस्ट्रार ने दिए जांच के आदेश

खिलाड़ियों ने उप-रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां) झुंझुनूं के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, तो विभाग ने मामले पर तुरंत संज्ञान लिया। उप-रजिस्ट्रार ऑफिस ने 10 जून 2026 को एक आदेश जारी कर जिला खेल अधिकारी झुंझुनूं को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सौंप दी। विभाग ने निर्देश दिए कि राजस्थान खेल (पंजीकरण, मान्यता और विनिमय) अधिनियम 2005 के तहत प्राथमिकताओं का निस्तारण किया जाए।

​हालांकि विभाग द्वारा जांच प्रक्रिया लंबित होने के बावजूद, वर्तमान सचिव पर कानून का उल्लंघन करने के आरोप लगे। उन पर आरोप है कि उन्होंने शिक्षा विभाग के एक अधीनस्थ ग्रेड थर्ड शारीरिक शिक्षक को अवैध रूप से “निर्वाचन अधिकारी” नियुक्त कर दिया और आगामी 14 जून 2026 को जबरन चुनाव करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

मौके पर तहसीलदार और कोतवाल ने पहुंचकर आश्वासन दिया और धरना खत्म करवाया
मौके पर तहसीलदार और कोतवाल ने पहुंचकर आश्वासन दिया और धरना खत्म करवाया

​’फुटबॉल बचाओ संघर्ष समिति’ की मुख्य मांगें

चुनावों पर रोक लगे: सहकारिता विभाग (उप-रजिस्ट्रार) द्वारा जारी आदेश की अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक जिला फुटबॉल संघ झुंझुनूं के प्रस्तावित सभी चुनावी कार्यक्रमों को तुरंत प्रभाव से स्थगित कर दिया जाए। ​दोषियों पर कानूनी कार्रवाई: उप-रजिस्ट्रार झुंझुनूं के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना करने वाले और फर्जीवाड़ा रचने वाले वर्तमान पदाधिकारियों व अवैध निर्वाचन अधिकारी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

तहसीलदार बोले- फिलहाल चुनाव रुकवा दिए है

हालांकि विवाद को देखते हुए कलेक्टर की तरफ से तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उनके साथ सीआई (CI) श्रवण कुमार ने भी प्रदर्शनकारियों से बात की और कार्रवाई का आश्वासन दिया। ​तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि हमने फुटबॉल बचाओ संघर्ष समिति से बातचीत की है। समिति द्वारा अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई निर्वाचन अधिकारी नहीं बनाया गया है। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव को रुकवा दिया गया है।

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