[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

नेताओं के धरने और अफसरों की मस्ती..? फतेहपुर में लापरवाही का हाई वोल्टेज’ ड्रामा: 11 हजार केवी की स्पेयर केबल फांक रही धूल


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़फतेहपुरराजस्थानराज्यसीकर

नेताओं के धरने और अफसरों की मस्ती..? फतेहपुर में लापरवाही का हाई वोल्टेज’ ड्रामा: 11 हजार केवी की स्पेयर केबल फांक रही धूल

खुला पड़ा खड्डा दे रहा है मौत को दावत, बिजली टावर गिरने के कगार पर

जनमानस शेखावाटी न्यूज : अनिल शेखीसर

​फतेहपुर : कस्बे में बिजली के सीकर के फतेहपुर सिटी शाखा (ओ एंड एम) की कार्यशैली इन दिनों लापरवाही के उस आखिरी स्तर पर पहुंच चुकी है, जहां आम उपभोक्ता अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। एक तरफ जहां कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में रात-रात भर अघोषित बिजली कटौती से जनता बेहाल है, वहीं दूसरी तरफ विभाग की इस लचर व्यवस्था को लेकर आए दिन कांग्रेस, कॉमरेड और भाजपाइयों द्वारा लगातार उग्र प्रदर्शन किए जा रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी नदारद दिखाई दे रहे हैं।

कटौती तो एक समस्या है ही, मगर अब विभाग की घोर प्रशासनिक अनियमितताएं सीधे तौर पर आम जनता की जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बनती नजर आ रही हैं। जो किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकती हैं।

खुली पड़ी 11 केवी की स्पेयर केबल

खुली पड़ी 11 हजार की केबल, और खड्डा टावर गिरने की कगार पर
​जमीनी हकीकत बयां करता एक बेहद डरावना और संवेदनशील मामला नेशनल हाईवे संख्या 52 पर निमावत स्कूल के सामने सर्विस रोड से सामने आया है। यहां लक्ष्मी कार डेकोर के पास बिजली विभाग की एक ऐसी गंभीर लापरवाही करीब 6 महीने से देखने को मिल रही है जो किसी भी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकती है। इस मुख्य मार्ग पर 11 हजार केवी की अत्यंत महत्वपूर्ण स्पेयर केबल खुले में करीब 6 माह से लावारिस हालत में धूल फांक रही है।

​हद तो तब हो जाती है जब ठीक 11 केवी के विद्युत टावर के पास एक बहुत बड़ा और गहरा खड्डा खुला छोड़ दिया गया है। लगातार अनदेखी के चलते इस खड्डे के कारण टावर की बुनियाद पूरी तरह खोखली हो रही है, जिससे उसके कभी भी धराशायी होने की पूरी संभावना बनी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मौत नुमा खड्डा हाईवे से मोमीनपुरा मोहल्ले की तरफ जाने वाली लिंक रोड पर उतरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए चौबीसों घंटे एक बड़ी आफत बना हुआ है।

बिजली का टावर गिरने के कगार पर..

​ना खुद करे ना करने दे अजीबो-गरीब तानाशाही!
​विभाग की असंवेदनशीलता और तानाशाही का सबसे हैरान कर देने वाला पहलू तब सामने आया, जब स्थानीय दुकानदार नवीन ने बताया कि इस संभावित खतरे को भांपते हुए खुद पहल करने की सोची। दुकानदार नवीन ने बताया कि करीब 15 दिन पहले उन्होंने इस जानलेवा खड्डे को भरने के लिए अपने निजी खर्चे पर एक ट्रॉली मलबा-कचरा मंगवाया था। वे इसे भरकर रास्ता सुरक्षित करना चाहते थे, लेकिन बिजली विभाग के मुस्तैद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें यह जनहित का काम करने से रोक दिया। और कहा कि केबल ठीक करेंगे

​जब आम जनता किसी बड़े हादसे को टालने के लिए खुद आगे आ रही थी, तब विभाग के अमले ने उन्हें तो कानून का पाठ पढ़ाकर रोक दिया, लेकिन पिछले 15 दिनों में खुद उस खड्डे को दुरुस्त करने की जहमत क्यों नहीं उठाई?
क्या विभाग को किसी अनहोनी या बड़े हादसे का इंतजार है?

​एक्सपर्ट्स की राय
​तकनीकी विशेषज्ञों (एक्सपर्ट्स) का स्पष्ट कहना है कि 11 हजार केवी की यह स्पेयर केबल पूरे शहर के लिए बैकअप या ‘लाइफलाइन’ की तरह काम करती है। नियमानुसार, इसे पोल के पास एक मजबूत और सुरक्षित पाइप के अंदर कवर करके रखा जाना चाहिए ताकि यह खराब मौसम धूप और बाहरी नुकसान से सुरक्षित रहे। जब भी मुख्य विद्युत केबल में कोई बड़ा फॉल्ट या तकनीकी दिक्कत आती है, तब इसी स्पेयर केबल के जरिए पूरे शहर को इमरजेंसी में बिजली सप्लाई दी जाती है।

​अब जनता का यह चुभता हुआ सवाल बिल्कुल लाजिमी है कि जो केबल जमीन पर पड़ी-पड़ी खुलेआम कबाड़ हो रही है, वह किसी आपातकालीन स्थिति में आखिर कैसे काम करेगी? क्या संकट के समय यह धूल फांक रही केबल दम तोड़कर बिजली विभाग की पोल नहीं खोलेगी?

​जनता अंधेरे में, सिटी शाखा अपनी ही धुन में मस्त
​कस्बे की जनता चाहे उमस और गर्मी में रात-रात भर जागकर रात काटे, राजनीतिक दल बिजली दफ्तरों के बाहर चाहे जितने मर्जी धरने-प्रदर्शन दे लें, लेकिन फतेहपुर सिटी शाखा की कार्यशैली में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। अधिकारियों की नाक के नीचे चल रही ये खतरनाक अनियमितताएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। अब देखना यह है कि इस गंभीर लापरवाही के उजागर होने के बाद भी बिजली विभाग के उच्च अधिकारी कोई ठोस सुधारात्मक कदम उठाते हैं या फिर हमेशा की तरह किसी बड़े हादसे के बाद ही अपनी नींद से जागेंगे?

Related Articles