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पेयजल संकट पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, जलदाय विभाग को सौंपा ज्ञापन पानी के लिए तरसे ग्रामीण, प्रशासन के खिलाफ बढ़ा आक्रोश


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पेयजल संकट पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, जलदाय विभाग को सौंपा ज्ञापन पानी के लिए तरसे ग्रामीण, प्रशासन के खिलाफ बढ़ा आक्रोश

जसवंतगढ़ में विकराल हुआ जल संकट, गांव छोड़ने को मजबूर लोग, डेढ़ घंटे की सप्लाई में नहीं बुझ रही प्यास, ग्रामीण परेशान

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा

जसवंतगढ़/कुचामन डीडवाना : पेयजल संकट विकराल रूप ले लिया। आबादी के अनुसार रोजाना बीस लाख लीटर की आवश्यकता है, लेकिन मीटर के अनुसार केवल 5-6 लाख लीटर पानी ही मिल रहा है। पानी की कमी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस संबंध में ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता डीडवाना को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 2011 की जनसंख्या के आधार पर 10 लाख लीटर पानी निर्धारित था, जबकि वर्तमान में आवश्यकता बढ़कर 20 लाख लीटर हो गई है। एसीई रामचंद्र राठौड़ द्वारा ग्रामीणों को10.50 लाख लीटर प्रतिदिन पानी देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं ग्रामीणों का आरोप है कि जल आपूर्ति का समय भी अनियमित है। मात्र 1.5 घंटे में पूरे गांव की पूर्ति नहीं हो पा रही।

हाल ही में लाडनूं जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता मौके पर आए थे, लेकिन ग्रामीणों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कनिष्ठ अभियंता कमल को पंचायत समिति सदस्य यज्ञदत्त दायमा, अनिल अग्रवाल, रूस्तम खां, मुमताज खां, वासुदेव तूनवाल, हेमंत करवा, शंकरलाल पंवार, महबूब खान, रोनक दायमा, श्रीराम शर्मा, मुकेश गौड़, बजरंग आदि ग्राम वासियों ने ज्ञापन सौंपा उल्लेखनीय है कि ग्राम वासियों ने हाल ही में संभाग प्रभारी एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी तथा ग्राम गेनाणा में हुई ग्राम सभा में जलदाय विभाग के कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी को 2 दिन पहले ही ग्राम वासियों ने मिलकर ज्ञापन सोपा था उस समय उन्होंने आश्वासन भी किया था कि तुरंत प्रभाव से जसवंतगढ़ को उचित पानी मिलेगा।

इस अवसर पर पवन कुमार भंडारी व अंजनी कुमार सारस्वत के नेतृत्व में जनकल्याण सेवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने रात्रि चौपाल सुनवाई में भी लिखित में ज्ञापन दिया था एवं रूबरू होकर जसवंतगढ की पेयजल सहित बातचीत भी की ओर बताया कि जसवंतगढ़ में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। कस्बे को रोज दो एम एल डी पानी चाहिए, पर आपूर्ति सिर्फ 0.5 एम एल डी हो रही है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को 15-15 दिन में पानी मिलता है, वो भी अपर्याप्त। गर्मी में हालात और बिगड़ जाते हैं। पानी की कमी से कई परिवार गांव छोड़कर जा रहे हैं, जिससे सामाजिक-आर्थिक ढांचा प्रभावित हो रहा है बार-बार सरकार और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद अब तक सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से दो एम एल डी नियमित जलापूर्ति की मांग की है।

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