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निजी स्कूलों पर पाठ्य सामग्री में मनमानी वसूली के आरोप:भगत सिंह फोर्स ने सीबीओ को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी


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निजी स्कूलों पर पाठ्य सामग्री में मनमानी वसूली के आरोप:भगत सिंह फोर्स ने सीबीओ को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी

निजी स्कूलों पर पाठ्य सामग्री में मनमानी वसूली के आरोप:भगत सिंह फोर्स ने सीबीओ को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी

सादुलपुर : सादुलपुर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों पर पाठ्य सामग्री के नाम पर मनमानी वसूली के आरोप सामने आए हैं। किसान और मजदूर वर्ग के अभिभावकों ने निजी विद्यालय संचालकों पर किताबों और अन्य सामग्री की कीमतें बढ़ाकर अवैध वसूली का आरोप लगाया है।

मामले को लेकर भगत सिंह फोर्स ने अनूप पुनिया के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पंचायत समिति के सामने हाथों में किताबें लेकर नारेबाजी की और निजी स्कूलों के खिलाफ आक्रोश जताया। इसके बाद मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीओ) सुमन जाखड़ को जिला शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

कवर बदलकर 10 गुना तक कीमत वसूलने का आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई निजी स्कूलों में किताबों के केवल कवर बदलकर उनकी कीमत 10 गुना तक वसूली जा रही है। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, खासतौर पर किसान और मजदूर परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई महंगी होती जा रही है।

पांच दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पांच दिन के भीतर इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग से निजी स्कूलों की फीस और पाठ्य सामग्री बिक्री की जांच की मांग की है।

अभिभावकों ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीओ) सुमन जाखड़ को जिला शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
अभिभावकों ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीओ) सुमन जाखड़ को जिला शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

स्थानीय पुस्तक विक्रेताओं पर भी असर

पुस्तक विक्रेता अजय अग्रवाल ने बताया- स्कूलों द्वारा सीधे किताबें बेचे जाने से स्थानीय दुकानदारों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले शहर में किताबों की सात दुकानें थीं, जो अब घटकर केवल तीन रह गई हैं। अनूप पुनिया ने कहा कि यह समस्या केवल सादुलपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अनूप पुनिया, मोहन लाल झाड़सर, सुखबीर भामाशी, राजेश भामासी, सत्यवीर, सुखवीर सहारण, समुद्र ददरेवा, सुरेश किलका, एडवोकेट शिव मंगल, सुभाष जोइया, राजकुमार फगेड़िया, धर्मवीर महला, मुकेश दुग्गल और कृष्ण सिंह फौजी सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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