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महिला दिवस पर नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट निकिता पूनियां का सम्मान:राजस्थान टॉपर रहीं छात्राएं भी हुईं सम्मानित, बबीता दाधीच ने अपने गीत से संस्कार निर्माण पर दिया जोर


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महिला दिवस पर नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट निकिता पूनियां का सम्मान:राजस्थान टॉपर रहीं छात्राएं भी हुईं सम्मानित, बबीता दाधीच ने अपने गीत से संस्कार निर्माण पर दिया जोर

महिला दिवस पर नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट निकिता पूनियां का सम्मान:राजस्थान टॉपर रहीं छात्राएं भी हुईं सम्मानित, बबीता दाधीच ने अपने गीत से संस्कार निर्माण पर दिया जोर

राजगढ़ : राजगढ़ में साहित्य समिति के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन बबीता दाधीच के सानिध्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट निकिता पूनियां को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। शहीद सहदेव पूनियां की सुपुत्री निकिता पूनियां को मुक्तामाला, शॉल, श्रीफल, प्रमाण-पत्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद बालिका गुंजीता ने स्वागत गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया।

इस अवसर पर सीनियर सेकेंडरी में राजस्थान टॉपर रहीं सर्वोदय पब्लिक स्कूल की छात्रा प्रीति पूनियां और प्रियंका गोस्वामी को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी दीपिका, पायल, निखिल शर्मा, जितेंद्र कुमार और साहिल को भी मुक्तामाला, प्रमाण-पत्र और प्रतीक चिह्न देकर प्रोत्साहित किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात गीतकार डॉ. सुशीला जांगड़ा, जो हरियाणा में पूर्व सीडीपीओ रह चुकी हैं, ने अपने सुमधुर गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्य अतिथि डॉ. सुमन जाखड़, सीबीईओ राजगढ़ ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में महिला और पुरुष के बीच प्रतिस्पर्धा के बजाय समानता और सहयोग का भाव विकसित होना चाहिए, तभी समाज संतुलित रूप से आगे बढ़ सकेगा। इस अवसर पर बबीता दाधीच ने भजन प्रस्तुत करते हुए समाज में संस्कार निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य अनिल शास्त्री ने किया।

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