फाइलों में ही बन गई 5 किमी लंबी सड़क:रसूखदारों के लिए अधिकारियों ने 2 करोड़ की सड़क का रास्ता तक बदला
फाइलों में ही बन गई 5 किमी लंबी सड़क:रसूखदारों के लिए अधिकारियों ने 2 करोड़ की सड़क का रास्ता तक बदला
झुंझुनूं : झुंझुनूं के PWD विभाग ने ग्रामीणों के लिए मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत बन रही 2 करोड़ रुपए की सड़क फाइलों में ही बना डाली। इतना ही नहीं सरकारी फाइलों में हेराफेरी कर अधिकारियों ने सड़क का रास्ता भी बदल दिया। भ्रष्टाचार का पता लगने पर ग्रामीणों में कलेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जिस गांव की मंजूरी, वहां बनी ही नहीं
जनता के पैसे का दुरुपयोग करने का यह मामला झुंझुनूं के गांव श्योलपुरा का है। गांव के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने साल 2023-24 में श्योलपुरा (देवता) से तातीजा सीमा तक 5 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की मंजूरी दी थी। इसके लिए बजट पास हुआ और टेंडर भी जारी हुआ। मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत 2 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था। लेकिन जिस सड़क को ग्रामीणों की सुविधा के लिए श्योलपुरा में बनना था, उसे खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए तातीजा इलाके में बना दिया गया।
सड़क किनारे लगे पत्थर से खुला घोटाला
इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब सोमवार को श्योलपुरा के ग्रामीणों ने तातीजा गांव की तरफ बनी सड़क पर लगे माइलस्टोन (पीले पत्थर) देखे। उन पत्थरों पर ‘श्योलपुरा’ लिखा हुआ था लेकिन सड़क तातीजा की ओर बनी थी। दरअसल, कागजों में यह दिखाया गया कि सड़क श्योलपुरा में बनी है, ताकि बजट में स्वीकृत 2 करोड़ रुपए उपयोग में ले सकें। लेकिन असलियत में विभाग ने सड़क श्योलपुरा की बजाय तातीजा में बना दी।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बोले हमसे धोखा किया
श्योलपुरा के सेवानिवृत्त व्याख्याता मांगूराम तंवर इस भ्रष्टाचार पर बोले–गांव में लोग खुश थे कि अब उनके गांव की राह आसान होगी। लेकिन अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव और भ्रष्टाचार के चलते इसे तातीजा से देवाला जोहड़ की तरफ बना दिया। मामले में तातीजा गांव के पूर्व सरपंच हुकमीचंद बोले– सोमवार को जब मैंने सड़क पर लगे पत्थरों पर श्योलपुरा लिखा देखा, तब इस धांधली का पता चला। बजट श्योलपुरा के नाम पर आया और सड़क हमारे गांव में बना दी गई। यह तो धोखा हुआ। किसान महासभा के कामरेड रामचंद्र कुलहरि कहते हैं कि अधिकारियों ने लालच या दबाव में आकर यह भ्रष्टाचार किया है। हमारी मांग है कि मामले की जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर बोले अजीब मामला, जांच करवाएंगे
जिला कलेक्टर अरुण कुमार गर्ग ने बताया–”सौलपुरा देवता में लगभग दो वर्ष पूर्व एक सड़क का निर्माण किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क जिस स्थान के लिए स्वीकृत की गई थी, वहां न बनाकर बिल्कुल विपरीत दिशा में बना दी गई है। हैरानी की बात यह है कि दो साल तक इस बारे में किसी को जानकारी नहीं हुई। यह मामला काफी अजीब प्रतीत होता है कि पूरी सड़क ही दूसरी जगह बना दी गई।
हमने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए SE (PWD) को निर्देश भेज दिए हैं। विभाग से तथ्यात्मक रिपोर्ट (Factual Report) मांगी गई है कि आखिर ऐसा क्यों और कैसे हुआ। रिपोर्ट आने के बाद मामले की गहनता से समीक्षा की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी”
वहीं मामले में PWD के एसई सतीश कुमार गुप्ता से जब इस पूरे मामले पर बात की तो उन्होंने बताया कि खेतड़ी ऑफिस से मामले की जानकारी ले रहे है। यह सड़क खेतड़ी खंड में आती है। वहां से पूरी डिटेल्स ले रहे है। मामला अभी सामने आया है। इसकी पूरी जांच करवाएंगे। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यवाही की मांग की
अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में दोनों गांव के ग्रामीणों ने झुंझुंनूं जिला कलेक्टर से मिलकर मामले में दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि जिस तकनीकी अधिकारी और ठेकेदार ने सड़क का रूट बदला, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा श्योलपुरा से गोरधनपुरा के लिए मंजूर हुई सड़क तुरंत बनाई जाए। ग्रामीण बोले सरकारी धन के दुरुपयोग की भरपाई भी दोषी अधिकारियों से की जाए।
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