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झुंझुनूं जिले में बंद रही खाद और बीज की दुकानें:व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, बोले- मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकाली बंद करेंगे


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झुंझुनूं जिले में बंद रही खाद और बीज की दुकानें:व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, बोले- मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकाली बंद करेंगे

झुंझुनूं जिले में बंद रही खाद और बीज की दुकानें:व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, बोले- मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकाली बंद करेंगे

झुंझुनूं : झुंझुनूं जिले में सोमवार को खाद, बीज और कीटनाशक की दुकानें बंद रही। दरअसल, 12 सूत्री मांगाें को लेकर झुंझुनूं कृषि आदान समिति के बैनर तले जिले भर के व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ‘आइडा’ (AIDA) के आह्वान पर व्याप​िारयों ने जिले की सभी दुकानें बंद रखी। व्यापारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी- यदि मांगें नहीं मानी तो खरीफ सीजन में अ​निश्चितकाली बंद किया जाएगा।

‘जबरन लिंकिंग’ पर भड़का आक्रोश: अनुपयोगी सामान थोप रही कंपनियां

समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राव ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि उर्वरक निर्माता कंपनियां खाद की किल्लत का फायदा उठाकर ‘जबरन लिंकिंग’ का खेल खेल रही हैं। कंपनियां सब्सिडी वाले खाद के साथ ऐसे अनुपयोगी उत्पाद (जैसे नैनो यूरिया या अन्य सप्लीमेंट्स) जबरन थमा देती हैं, जिनकी किसानों को जरूरत नहीं होती।

व्यापारियों ने मांग रखी : ‘जबरन लिंकिंग’ को कानूनी रूप से अपराध घोषित किया जाए।, उत्तर प्रदेश की तर्ज पर इस बाध्यता पर पूरे देश में तत्काल रोक लगे।, यूरिया की डिलीवरी रेल-हेड के बजाय सीधे डीलर के बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित की जाए।

सैंपल फेल होने पर व्यापारी नहीं, कंपनी हो जिम्मेदार

ज्ञापन में व्यापारियों के उत्पीड़न और कानूनी सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। व्यापारियों का कहना है कि वे केवल ‘सेल्समैन’ के रूप में सीलबंद पैकिंग बेचते है। ऐसे में क्वालिटी की जिम्मेदारी निर्माता की होनी चाहिए।

छोटी-मोटी तकनीकी शिकायतों पर निलंबित किए गए। लाइसेंस 21 दिन में बहाल होने का प्रावधान हो। किसानों की ओर से की जाने वाली शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तर पर कमेटी बने। इस कमेटी की अनुशंषा पर ही आगे की कार्रवाई की जाए।

किसानों द्वारा की जाने वाली शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी बने। इस कमेटी की अनुशंसा के बाद ही व्यापारी पर कोई कानूनी कार्रवाई की जाए।

खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी

व्यापारियों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यह केवल एक सांकेतिक प्रदर्शन था। यदि अगले एक माह के भीतर समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हुआ, तो आगामी खरीफ सीजन से पहले ‘अनिश्चितकालीन बंद’ किया जाएगा।

व्यापारियों ने आगाह किया कि यदि खाद-बीज की सप्लाई रुकती है, तो इसका सीधा असर देश के कृषि उत्पादन पर पड़ेगा और किसानों को भारी किल्लत झेलनी होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।

कलेक्ट्रेट पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राव, महामंत्री प्रेम प्रकाश, कोषाध्यक्ष हीरा सिंह, उपाध्यक्ष सहीराम व योगेंद्र सिंह सहित जिले भर के सैकड़ों कृषि आदान विक्रेता और व्यापार मंडल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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