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पुष्कर घूमने आईं थीं विदेशी बालाएं, यहीं बसा लिए परिवार अब करती है फर्राटेदार मारवाड़ी में बात


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पुष्कर घूमने आईं थीं विदेशी बालाएं, यहीं बसा लिए परिवार अब करती है फर्राटेदार मारवाड़ी में बात

सात समन्दर पार से कभी महज घूमने के मकसद से पुष्कर आईं विदेशी बालाएं यहां की भारतीय संस्क़ृति और रहन-सहन को आत्मसात कर भारतीय नारी बन चुकी हैं।

पुष्कर : सात समन्दर पार से कभी महज घूमने के मकसद से पुष्कर आईं विदेशी बालाएं यहां की भारतीय संस्क़ृति और रहन-सहन को आत्मसात कर भारतीय नारी बन चुकी हैं। कभी धूल तक से परहेज करने वाली इन विदेशी बालाओं ने यहीं शादी-ब्याह कर घर-परिवार बसा लिए हैं। अब तो हिन्दी-मारवाड़ी में बात करती हैं, घर का सारा कामकाज करती हैं, तीज-त्योहार मनाती हैं और बच्चों को भी संभालतीं हैं। कई अपने भारतीय पति के कारोबार को भी संभाल रही हैं। ऐसे परिवारों में एक परिवार की जर्मन महिला तो भारतीय संस्कृति की जानकार इन्डोलोजिस्ट है तो इजरायल के एक महिला को ओसिआई कार्ड मिला है। जिसके जरिये उन्हें दोहरी नागरिकता के साथ ही यहां आवास खरीदने, व्यापार करने की तमाम सुविधाएं भी मिली हुई हैं।

मिखाईल करती हैं हिन्दी-मारवाड़ी में बात…
पुष्कर में बामदेव रोड पर थर्ड आई रेस्टॉरेन्ट संचालक रवि जैन करीब 23 वर्ष पूर्व इजरायल घूमने गया तो उसकी मुलाकात मिखाईल से हो गई। दोनों दोस्त बन गए। मिखाइल ने पुष्कर आकर रवि जैन के साथ विवाह कर लिया। अब वह मिखाईल जैन बनकर रेस्टोरेंट व्यवसाय में हाथ बंटा रही हैं। इनके शाया व रूबी जैन दो बच्चे हैं। रवि जैन ने बताया कि मिखाईल फर्राटेदार हिन्दी, मारवाड़ी बोलने के साथ साथ दीवाली, होली सहित सभी हिन्दू त्योहार मनाती हैं। मिखाईल जैन को ओसिआई कार्ड मिला हुआ है। आधार कार्ड व पेन कार्ड बना लिया है । आवासीय जमीन खरीदने, व्यापार करने सहित एक भारतीय महिला की तरह सारे कानूनी अधिकार मिले हैं। वर्तमान में दोनों परिवार के साथ खुश है।

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करती हैं सास-जेठ की सेवा, सम्मान
इन्डोलोजिस्ट (भारतीय सभ्यता की जानकार) जर्मन युवती वर्ष 97 में स्टूडेन्ट वीजा पर पर्यटक के रूप में घूमने पुष्कर आई थीं। उसकी मुलाकात पुष्कर में वराह घाट चौक में नटराज रेस्टॉरेन्ट संचालक पंकज भारद्वाज से हुई। दोनों ने वर्ष 2003 में विवाह कर लिया। वर्तमान में इनके एक एक पुत्र व पुत्री है। पंकज की पत्नी अपने परिवार के साथ खुश है। परिजनों में जेठ, सास की भारतीय नारी की तरह सेवा सम्मान करना उसमें रच-बस गया है। यह युगल यहां आने वाले विदेशी मेहमानों को योगा सिखाते हैं भजन गाते हैं। विदेशी दोस्तों को चांदी व वस्त्र बेचने का व्यवसाय है।

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