[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

यूपीआई पर शुल्क लगा तो पेट्रोल पंपों पर बंद हो सकती है डिजिटल बिक्री


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

यूपीआई पर शुल्क लगा तो पेट्रोल पंपों पर बंद हो सकती है डिजिटल बिक्री

पेट्रोलियम डीलर्स ने जिला कलेक्टर और जिला रसद अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, पंचायती राज चुनाव से पहले सरकारी विभागों का बकाया भुगतान चुकाने की मांग

झुंझुनूं : पेट्रोल पंपों पर यूपीआई से भुगतान करने पर मर्चेंट शुल्क लगाए जाने की आशंका और सरकारी विभागों में लंबे समय से अटके ईंधन के भुगतान को लेकर झुंझुनूं पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। एसोसिएशन ने जिला कलेक्टर और जिला रसद अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोनों समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है। इस दौरान जिले के 30 से 35 पेट्रोल पंप संचालक मौजूद रहे।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया, तो सीमित व्यापारिक मार्जिन के कारण पेट्रोल पंप संचालकों के लिए इस माध्यम से ईंधन की बिक्री जारी रखना मुश्किल हो सकता है। वहीं, आगामी पंचायती राज चुनाव से पहले सरकारी विभागों का बकाया भुगतान नहीं होने पर चुनाव के दौरान सरकारी वाहनों को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई।

अतिरिक्त शुल्क से कारोबार पर पड़ेगा असर

एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित हैला ने ज्ञापन में बताया कि पेट्रोल पंपों का व्यापारिक मार्जिन पहले से ही सीमित है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त मर्चेंट शुल्क या अन्य चार्ज लगाया जाता है, तो इसका सीधा असर संचालकों के कारोबार पर पड़ेगा। डीलरों के लिए अतिरिक्त शुल्क का भार उठाना मुश्किल होगा और डिजिटल माध्यम से बिक्री जारी रखना व्यावहारिक रूप से कठिन हो सकता है।

एसोसिएशन ने प्रशासन से समय रहते मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करवाने की मांग की। डीलरों का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने के बीच अतिरिक्त शुल्क का बोझ उन पर डालना आर्थिक परेशानियां बढ़ा सकता है।

चुनाव से पहले बकाया भुगतान चुकाने की मांग

एसोसिएशन ने सरकारी विभागों पर लंबे समय से लंबित ईंधन के बिलों का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में मांग की गई कि आगामी पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी लंबित भुगतानों का निस्तारण करवाया जाए।

एसोसिएशन के अनुसार, सरकारी विभागों को ईंधन की आपूर्ति करने के बावजूद समय पर भुगतान नहीं मिलने से पेट्रोल पंप संचालकों की पूंजी लंबे समय तक अटकी रहती है। इससे कारोबार चलाने और अन्य जरूरी खर्च पूरे करने में परेशानी होती है।

डीलरों ने आशंका जताई कि यदि चुनाव से पहले बकाया बिलों का भुगतान नहीं हुआ, तो चुनाव के दौरान सरकारी वाहनों और विभागों को ईंधन की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए प्रशासन से संबंधित विभागों को लंबित भुगतान जल्द जारी करने के निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

इस दौरान जिला रसद अधिकारी से भी दोनों मामलों में आवश्यक कार्रवाई कर डीलरों की समस्याओं का समाधान करवाने की मांग की गई। एसोसिएशन का कहना है कि समय रहते इन मुद्दों का निस्तारण होने से पेट्रोल पंप संचालकों को राहत मिलेगी और आमजन के साथ प्रशासन के लिए भी ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना आसान होगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान एसोसिएशन अध्यक्ष अंकित हैला, मीडिया प्रभारी बाबूलाल राजोरिया, कुलदीप, रणजीत, बलबीर, राजकुमार, सज्जन कुमार और चिड़ावा स्थित सरदार फिलिंग स्टेशन के प्रतिनिधि सहित जिले के 30 से 35 पेट्रोल पंप डीलर उपस्थित रहे।

Related Articles