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डोटासरा बोले-कांग्रेस पार्षदों को जबरन उठाया जा रहा:मर्डर या खून-खराबा होने पर सरकार और पुलिस की होगी जिम्मदारी


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डोटासरा बोले-कांग्रेस पार्षदों को जबरन उठाया जा रहा:मर्डर या खून-खराबा होने पर सरकार और पुलिस की होगी जिम्मदारी

डोटासरा बोले-कांग्रेस पार्षदों को जबरन उठाया जा रहा:मर्डर या खून-खराबा होने पर सरकार और पुलिस की होगी जिम्मदारी

सीकर : सीकर में कांग्रेस-भाजपा को सभापति पद के लिए 21 तारीख को होने वाले मतदान से पहले क्रास वोटिंग का डर लग रहा है। ऐसे में दोनों ने अपनी बाड़ाबंदी टाइट कर ली है। इस बीच पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बड़ा बयान दिया है। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस और उनके समर्थित पार्षदों के पुलिस धमकाकर उठा रही है। बीजेपी सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल करके लोकतंत्र के पर्व को कुचलकर अपनी सत्ता बनाना चाहती है।

डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में पुलिस के इस रवैये को लेकर मैंने डीजीपी को पहले भी कह दिया और अब मीडिया के माध्यम से कह रहा हूं कि अब आप इस तांडव नृत्य को रोक लीजिए वरना राजस्थान की जनता में आक्रोश फैल जाएगा। अगर कोई मर्डर हुआ या खून खराबा हुआ तो जिम्मेदार राजस्थान पुलिस और सरकार होगी। वहीं लक्ष्मणगढ़ के कांग्रेसी व निर्दलीय समर्थित पार्षदों की बाड़ाबंदी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे डांस करते और क्रिकेट खेलते नजर आ रहे है।

मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे अधिकारी कलेक्टर और एसपी को धमका रहे

डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे अधिकारी कलेक्टर और एसपी को धमका रहे हैं। भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने मिलकर मुख्यमंत्री कार्यालय से हर निकाय के प्रभारी के नंबर कलेक्टर और एसपी को भेजे गए हैं। और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जैसे ही आपको यह कॉल करें तो आप पुलिस भेज देना। पुलिस को पार्टी के उन पदाधिकारी के नंबर दिए गए हैं। फतेहपुर में पुलिस कांग्रेस को यह बोल रही है कि बीजेपी के पार्षद को आप अपने बाड़े में कैसे रख सकते हो। अब मैं पूछना चाहता हूं कि आप कांग्रेस के पार्षद को कैसे रख सकते हो।

डोटासरा बोले- केंद्रीय मंत्री तक कांग्रेसी पार्षदों को उठाने में लगे

डोटासरा ने कहा कि मंडावा को ले लीजिए, बीकानेर को ले लीजिए, बानसूर में पूर्व मंत्री शकुंतला रावत कह रही है कि अब तक पांच होटल बदल लिए फिर भी पुलिस वाले पीछे लगे हुए हैं। बोल रहे हैं हमारी नौकरी चली जाएगी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली 5 दिन से पार्षदों को लिए बैठे हैं। केंद्रीय मंत्री तक कांग्रेसी पार्षदों को उठाने में लगे है । डोटासरा ने कहा कि लक्ष्मणगढ़ में मेरे यहां पर जो लोग रुके हुए हैं,वहां पुलिस उनके पास चली गई। वहां पर तो भाजपा के पास केवल 15 आदमी है और हमारे पास 28 से 29।

डोटासरा ने कहा कि हमारे एक आदमी को भाजपा के आदमी ने फोन करके कहा कि आप तो आईडी की फोटो भिजवा दो हम मुकदमा दर्ज करवा के चार से पांच आदमियों को उठा लेंगे। भरतपुर में होटल के नोटिस दिए, होटल गिराने की चेतावनी दी गई। आज वहां नामांकन भी उठ गया है। उदयपुर में ऐसे ही नोटिस दिए गए।

अभी भी नेताओं के कॉल आ रहे हैं कि यह हो क्या रहा है। महंगे पैसे देकर होटल बुक करने पड़ रहे हैं। जब इस मामले में डीजीपी से बात करते हैं तो वह बोलते हैं कि मुझे पता ही नहीं। कुचेरा मामले को लेकर जब आईजी से बात की। वहां के एडिशनल एसपी से बात की तो उन्होंने कहा कि पुलिस थाने या ऑफिस तो आना ही होगा।

डोटासरा बोले – खून खराबा हुआ तो राजस्थान पुलिस की जिम्मेदार होगी

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में पुलिस के इस रवैये को लेकर मैंने डीजीपी को पहले भी कह दिया और अब मीडिया के माध्यम से कह रहा हूं कि अब आप इस तांडव नृत्य को रोक लीजिए वरना राजस्थान की जनता में आक्रोश फैल जाएगा। अगर कोई मर्डर हुआ या खून खराबा हुआ तो जिम्मेदार राजस्थान पुलिस और सरकार होगी।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोलीं- भाजपा ने लोकतंत्र का हनन बंद नहीं किया तो आंदोलन करेंगे

राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस और कांग्रेस समर्पित पार्षदों को बाड़ाबंदी से पुलिस द्वारा उठाए जाने का आरोप लगाते हुए आज सीकर में कांग्रेस पार्टी ने विरोध जताया। उन्होंने सीकर में एसपी प्रवीण नायक नूनावत को ज्ञापन सौंपा और मांग की है कि इस तरह की कार्रवाई बंद हो।

जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने कहा कि भाजपा के इशारे पर पुलिस और अन्य एजेंसियां बाड़ाबंदी में मौजूद पार्षदों के परिवारों से शिकायत ले रही हैं और इसके बाद पार्षदों को उठाकर भाजपा के खेमे में शामिल करवाया जा रहा है। इस तरह का गुंडाराज नहीं चलेगा। यदि समय रहते इस तरह की हरकतें बंद नहीं हुई तो आंदोलन होगा और जनता सड़कों पर उतरेगी।

दोनों पार्टी के पार्षद बाड़ाबंदी में

बीजेपी ने गुरुवार दोपहर बाद सभी जीते हुए पार्षदों को वापस बाड़ाबंदी में बुला लिया था। वहीं कांग्रेस के भी ज्यादातर पार्षद वर्तमान में बाड़ाबंदी में है। जल्द ही बाड़ाबंदी की जगह भी बदलने की चर्चा है। कांग्रेस पार्षदों के परिवारों को भी बाड़ाबंदी में बुला लिया गया है।सीकर में निकाय चुनाव के परिणाम में कांग्रेस पार्टी ने बहुमत से 5 सीट ज्यादा 38 हासिल की। वहीं भाजपा ने 22,4 निर्दलीय और 1 सीट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के द्वारा जीत हासिल की थी।

पूर्ण बहुमत होने के बावजूद भी कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती कि किसी भी हाल में उनकी पार्टी के पार्षदों का कोई जोड़-तोड़ हो। हालांकि एक दो-पार्षद अभी बाड़ाबंदी से बाहर भी है। जिन पर कांग्रेस पार्टी को पूर्ण विश्वास है कि यह किसी दूसरे दल में नहीं जा सकते।

दोनों पार्टियों ने पार्षदों के फोन भी स्विच ऑफ करवाए

दोनों ही पार्टियों के बाड़ाबंदी में बैठे पार्षदों के मोबाइल भी स्विच ऑफ करवाए गए हैं, जिससे कि कोई भी उनसे कांटेक्ट नहीं कर सके। सभी बाड़ाबंदी से 21 सितंबर को मतदान वाले दिन ही बाहर आएंगे।

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