[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

नेवी जवान और पत्नी का एक चिता पर अंतिम संस्कार:छोटे भाई ने दी मुखाग्नि, बच्चों को गोद में ले जाकर दफनाया


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
गुढ़ागौड़जीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

नेवी जवान और पत्नी का एक चिता पर अंतिम संस्कार:छोटे भाई ने दी मुखाग्नि, बच्चों को गोद में ले जाकर दफनाया

नेवी जवान और पत्नी का एक चिता पर अंतिम संस्कार:छोटे भाई ने दी मुखाग्नि, बच्चों को गोद में ले जाकर दफनाया

गुढ़ागौड़जी : भारतीय नौसेना के जवान पूरणमल मेहरा (30), उनकी पत्नी और 2 बच्चों का आज झुंझुनूं जिले के ककराना गांव में अंतिम संस्कार किया गया। गुढ़ागौड़जी थाने से आर्मी के ट्रक में शवों को गांव लाया गया। जवान की अंतिम यात्रा घर से सेना के वाहन में ही निकली। पत्नी की अर्थी को कंधों पर ले जाया गया। दोनों बच्चों को परिजन और ग्रामीण गोद में लेकर गए और दफनाया गया। श्मशान घाट में जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सेना के जवानों ने पिता शंभु दयाल को तिरंगा सौंपा। आखिर में पति-पत्नी का एक चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। छोटे भाई मुकेश कुमार ने मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

बता दें, 15 अगस्त को हाई-सिक्योरिटी नेवी नगर (कोलाबा) स्थित सरकारी आवास में नेवी जवान फंदे से लटके मिले, जबकि पत्नी ओमा मेहरा (26), तीन वर्षीय बेटे यश मेहरा और तीन महीने की बच्ची का शव कमरे में बिस्तर पर पड़े थे। पुलिस बच्चों और पत्नी द्वारा जहर खाए जाने या दिए जाने के एंगल से जांच कर रही है।

सेना के जवानों ने पिता शंभु दयाल को तिरंगा सौंपा।
सेना के जवानों ने पिता शंभु दयाल को तिरंगा सौंपा।

2015 में नेवी में भर्ती हुए थे पूरणमल

भाई मुकेश कुमार ने बताया- पूरणमल मेहरा वर्ष 2015 में जोधपुर से नौसेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2020 में उनकी शादी सीकर जिले के खंडेला निवासी ओमा मेहरा से हुई थी। पूरणमल करीब 9 महीने पहले गांव ककराना आए थे। करीब 6 दिन पहले उनकी घरवालों से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद परिवार के लोग पिछले तीन दिन से उन्हें फोन कर रहे थे, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिल रहा था।

पूरणमल तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। पूरणमल का एक बड़ा भाई बृजलाल मेहरा आर्मी में है। छोटा भाई मुकेश कुमार गांव में ही रहता है। पिता शंभू दयाल गांव में किराना दुकान चलाते हैं।

20 दिन की छुट्टी पर था पूरणमल

ककराना के ग्रामीण शीशराम खटाना ने बताया- ग्रामीण ने बताया कि पूरणमल करीब 20 दिन की छुट्टी पर था और ड्यूटी पर नहीं था। बातचीत में यह भी सामने आया कि घटना 14 अगस्त की बताई जा रही थी, जबकि नौसेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार चारों के शव 15 अगस्त को घर में मिले।

छह दिन पहले परिवार से फोन पर बात हुई थी

परिजनों ने बताया कि छह दिन पहले उनकी पूर्णमल से फोन पर बात हुई थी। पिछले तीन दिनों से परिवार उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन फोन पर कोई जवाब नहीं मिल रहा था। पूर्णमल अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे; उनके बड़े भाई बृजलाल मेहरा सेना में हैं, जबकि छोटे भाई मुकेश गांव में रहते हैं। उनके पिता शंभू दयाल गांव में किराने की दुकान चलाते हैं।

पति-पत्नी के बीच चल रहा था पारिवारिक विवाद

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले ओमा के पिता भी मुंबई आए थे और बेटी को अपने साथ ले जाना चाहते थे। पुलिस इस पहलू के साथ-साथ मानसिक तनाव और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। मुंबई पुलिस मर्डर और सुसाइड सहित सभी एंगल से जांच में जुटी है।

मुंबई से नौसेना नाविक, पत्नी और 2 बच्चों के शव तिरंगा यात्रा से ककराना पहुंचे

पैतृक गांव ककराना में शव पहुंचने पर तिरंगा यात्रा निकाली।
पैतृक गांव ककराना में शव पहुंचने पर तिरंगा यात्रा निकाली।
गुढ़ा गौड़जी थाने से शव पैतृक गांव ककराना के लिए रवाना हुए।
गुढ़ा गौड़जी थाने से शव पैतृक गांव ककराना के लिए रवाना हुए।
अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए जवान के गांव में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए जवान के गांव में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

Related Articles