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भंवरलाल सुथार ‘भ्रमर’ को मिलेगा बैजनाथ पंवार कथा साहित्य पुरस्कार


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भंवरलाल सुथार ‘भ्रमर’ को मिलेगा बैजनाथ पंवार कथा साहित्य पुरस्कार

भंवरलाल सुथार ‘भ्रमर’ को मिलेगा बैजनाथ पंवार कथा साहित्य पुरस्कार

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान 

चूरू : प्रयास संस्थान की ओर से प्रतिवर्ष प्रदान किया जाने वाला बैजनाथ पंवार कथा साहित्य पुरस्कार वर्ष 2026 के लिए बीकानेर निवासी साहित्यकार भंवरलाल सुथार ‘भ्रमर’ को दिया जाएगा। उन्हें यह सम्मान उनकी राजस्थानी कथाकृति ‘ऊपरलो पासो’ के लिए प्रदान किया जाएगा।

प्रयास संस्थान के संस्थापक डॉ. दुलाराम सहारण ने बताया कि चूरू में आयोजित होने वाले समारोह में साहित्यकार भंवरलाल सुथार को 11 हजार रुपए, शॉल और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। संस्थान की ओर से यह पुरस्कार पूर्व में रामस्वरूप किसान, नंद भारद्वाज, मेहरचंद धामू, अतुल कनक, अरविंद आशिया, जितेंद्र निर्मोही और मदन सैनी सहित कई चर्चित साहित्यकारों को दिया जा चुका है।

राजस्थानी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान

22 अक्टूबर 1946 को बीकानेर में जन्मे भंवरलाल सुथार ‘भ्रमर’ राजस्थानी भाषा के प्रमुख साहित्यकार हैं। उनके चर्चित कहानी संग्रहों में ‘तगादो’, ‘अमूझो कद तांई’, ‘सातूं सुख’ और ‘ऊपरलो पासो’ शामिल हैं। इसके अलावा लघुकथा संग्रह ‘सुख सागर’, बाल उपन्यास ‘भोर रा पगलिया’ और अनूदित कृति ‘सरोकार’ भी उल्लेखनीय हैं।

‘सातूं सुख’ के लिए उन्हें राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर का शिवचंद्र भरतिया गद्य पुरस्कार तथा ‘सरोकार’ के लिए साहित्य अकादमी, नई दिल्ली का अनुवाद पुरस्कार मिल चुका है। उन्होंने ‘जागती जोत’ सहित विभिन्न राजस्थानी पत्रिकाओं के संपादन-प्रकाशन में भी योगदान दिया है।

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