[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

बृजलालपुरा में बिजली लाइन का विरोध, वार्ता दूसरी बार विफल:ग्रामीण टावर शिफ्ट करने की मांग पर अड़े, काम रोकने का ऐलान किया


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चिड़ावाझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

बृजलालपुरा में बिजली लाइन का विरोध, वार्ता दूसरी बार विफल:ग्रामीण टावर शिफ्ट करने की मांग पर अड़े, काम रोकने का ऐलान किया

बृजलालपुरा में बिजली लाइन का विरोध, वार्ता दूसरी बार विफल:ग्रामीण टावर शिफ्ट करने की मांग पर अड़े, काम रोकने का ऐलान किया

चिड़ावा : चिड़ावा उपखंड के बृजलालपुरा गांव में 765 केवीए बीकानेर-नीमराना बिजली लाइन के विरोध में चल रहा धरना जारी है। बुधवार को प्रशासन और कंपनी अधिकारियों के साथ हुई दूसरी दौर की वार्ता भी विफल हो गई। ग्रामीणों ने अपनी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने और खेतों में कंपनी को काम नहीं करने देने का ऐलान किया है।

तीसरी बार धरनास्थल आए तहसीलदार

दोपहर बाद तहसीलदार नारायणराम तीसरी बार धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उनकी मध्यस्थता में बातचीत शुरू हुई। इस वार्ता में किसान सभा जिलाध्यक्ष रणधीरसिंह ओला, तहसील अध्यक्ष दरियासिंह धायल, सीपीएम नेता महिपालसिंह पूनियां और आरएलपी नेता राजेंद्र फौजी सहित कई ग्रामीण प्रतिनिधि शामिल हुए। ग्रामीणों ने 765 केवीए लाइन की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने और मेघवाल बस्ती के 40 घरों के ऊपर से गुजरने वाली प्रस्तावित लाइन को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की।

टावर शिफ्ट करने की मांग पर अड़े रहे ग्रामीण

तहसीलदार नारायणराम, गिरदावर बुलेश कुमार और पावरग्रिड कंपनी के प्रतिनिधि गौरव ने शाम तक ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण टावर शिफ्ट करने की अपनी मांग पर अड़े रहे और स्पष्ट कर दिया कि जब तक लाइन नहीं बदली जाती, तब तक कंपनी को काम नहीं करने दिया जाएगा। लंबी बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला और प्रशासनिक अधिकारी तथा कंपनी प्रतिनिधि वापस लौट गए।

ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की

वार्ता विफल होने के बाद ग्रामीणों ने धरना स्थल पर जमकर नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और कंपनी ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने दो दिन बाद फिर से वार्ता आयोजित करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान महेश गुरावा, महेंद्र खीचड़, सज्जन लमोरिया, पवन धायल, बलवीर काला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद थीं।

Related Articles