NFGIO ने की देशव्यापी “एंब्रेसिंग फेमिनिनिटी” मुहिम की शुरुआत
NFGIO ने की देशव्यापी “एंब्रेसिंग फेमिनिनिटी” मुहिम की शुरुआत
बेंगलुरु : नेशनल फेडरेशन ऑफ गर्ल्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन (एनएफजीआईओ) ने शुक्रवार को बेंगलुरु इस्लामिक फाउंडेशन ट्रस्ट (BIFT) में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी पूरे महीने चलने वाली देशव्यापी मुहिम “एंब्रेसिंग फेमिनिनिटी” यानी “नारीत्व को अपनाना” का ऐलान किया।
1 से 31 अगस्त तक चलने वाली इस मुहिम का मकसद युवा महिलाओं को उनकी प्रकृति से मेल खाने वाले नारीत्व के महत्व से अवगत कराना और एक सम्मानजनक, संतुलित और सर्वांगीण जीवनशैली की तरफ मार्गदर्शन करना है।
मुहिम की मुख्य बातें:
कन्वीनर समीन मोमिन ने बताया कि इस दौरान पूरे देश में जीआईओ की विभिन्न राज्य, जिला, स्थानीय और कैंपस यूनिट्स के तहत सेमिनार, वर्कशॉप, कैंपस प्रोग्राम, ऑनलाइन सत्र और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
एनएफजीआईओ की उपाध्यक्ष अफ़ीफ़ा तहनियत ने कहा कि आज की महिला एक तरफ पुराने सामाजिक रवैयों और दूसरी तरफ ऐसे विचारों के बीच फंसी है जो नारीत्व को कमजोरी मानते हैं। यह मुहिम इस्लामी मूल्यों की रोशनी में एक “तीसरा रास्ता” पेश करती है, जहां नारीत्व को कमजोरी नहीं बल्कि सम्मान, संतुलन, शक्ति और आंतरिक शांति का स्रोत माना जाता है।
जीआईओ कर्नाटक की ज़ोनल एडवाइजरी काउंसिल की सदस्य बसीरा बानो ने कन्नड़ में युवाओं और छात्राओं से अपील की कि वे इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसके संदेश को आगे बढ़ाएं।
एनएफजीआईओ की अध्यक्ष एडवोकेट समीया रोशन ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि यह मुहिम महिलाओं के अधिकार, सम्मान, क्षमताओं और समाज में उनकी प्रभावी भूमिका को उजागर करने की एक गंभीर कोशिश है। उन्होंने कहा कि नारीत्व नेतृत्व, ज्ञान, हिम्मत और क्षमता के खिलाफ नहीं है, बल्कि इनके साथ मेल खा सकता है।
उन्होंने चिंता जताई कि आज महिलाओं की कीमत सिर्फ प्रदर्शन और लगातार उत्पादकता से आंकी जा रही है, जिससे मानसिक तनाव, थकान और आंतरिक शांति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह मुहिम एक संतुलित समाज के निर्माण का आह्वान करती है, जहां महिलाएं अपने नारीत्व को बरकरार रखते हुए सामाजिक, शैक्षिक, वैचारिक और पेशेवर क्षेत्रों में पूरा योगदान दे सकें।
एक सवाल के जवाब में एडवोकेट समीया रोशन ने बताया कि यह मुहिम 18 राज्यों में चलाई जाएगी जहां जीआईओ संगठित रूप से सक्रिय है। मुहिम का उद्देश्य युवा लड़कियों को यह समझ देना है कि नारीत्व उनकी फितरत का अहम हिस्सा है, जिसके साथ अल्लाह तआला ने हर इंसान को पैदा किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस सवाल-जवाब सत्र के साथ खत्म हुई। मुहिम की उद्घाटन सभा रविवार, 2 अगस्त को एग्रीकल्चरल इंस्टीट्यूट ऑडिटोरियम, बेंगलुरु में होगी। इसके साथ ही पूरे देश में महीने भर चलने वाली गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत होगी।
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