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चूरू में शुरू हुई नगर -निकाय- पंचायती -चुनावी ‌ चर्चाएं


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चूरू में शुरू हुई नगर -निकाय- पंचायती -चुनावी ‌ चर्चाएं

चूरू में शुरू हुई नगर -निकाय- पंचायती -चुनावी ‌ चर्चाएं

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला मुख्यालय पर ‌ भरतीया रोड पर आज ‌ चाय की चुस्की के साथ ‌ भाजपा एवं कांग्रेस के कई ‌ पूर्व पार्षद , ओर कार्यकर्ता नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव पर चर्चाएं ‌करते हुए नजर आए ‌ चुनाव स्थानीय लोकतंत्र की रीढ़ हैं, जिनकी घोषणा होते ही राजनीतिक गलियारों और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में चर्चाएं तेज हो जाती हैं। इन चुनावों का सीधा जुड़ाव आम जनता के रोजमर्रा के मुद्दों जैसे सड़क, पानी, बिजली, साफ-सफाई और स्थानीय विकास से होता है। यही कारण है कि ग्रामीण चौपालों से लेकर शहर के चाय के ठिकानों तक चुनावी सरगर्मियां साफ दिखाई देने लगती हैं।

संभावित उम्मीदवार मतदाताओं को रिझाने के लिए घर-घर जनसंपर्क शुरू कर देते हैं। ऐसे ही आज सलीम मिस्त्री ‌ की दुकान के‌ सामने ‌कई कांग्रेसी एवं भाजपा ‌पदाधिकारी चर्चा कर रहे थे । जेसे अबरार खान, संजय भाटी, ‌सलीम चोहान, असलम डायर, अयूब खान, साजिद चौहान, लाल मोहम्मद गोरी,‌ मोहम्मद अली भाटी, ‌सलीम पि ए, साजिद तुगलक आदि ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वादों और दावों का दौर शुरू हो जाता है। राजनीतिक दल अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जिताऊ चेहरों की तलाश में जुट जाते हैं, क्योंकि इन चुनावों के परिणाम आगामी विधानसभा या लोकसभा चुनावों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रशासन भी निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण, पोलिंग बूथों के निर्धारण और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों में व्यस्त हो जाता है। स्थानीय स्तर पर जातिगत समीकरण, व्यक्तिगत छवि और विकास कार्य हार-जीत के मुख्य कारक बनते हैं। संक्षेप में कहें तो, स्थानीय निकायों के चुनाव जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और आम जनता को अपनी सरकार चुनने का वास्तविक अवसर प्रदान करते हैं।

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