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करंट से झुलसे कर्मचारी के समर्थन में धरना खत्म:लिखित आश्वासन के बाद बनी बात, कंपनी देगी 5 लाख रुपए की सहायता


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करंट से झुलसे कर्मचारी के समर्थन में धरना खत्म:लिखित आश्वासन के बाद बनी बात, कंपनी देगी 5 लाख रुपए की सहायता

करंट से झुलसे कर्मचारी के समर्थन में धरना खत्म:लिखित आश्वासन के बाद बनी बात, कंपनी देगी 5 लाख रुपए की सहायता

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत

लक्ष्मणगढ़ : लक्ष्मणगढ़ उपखंड क्षेत्र के बगड़ी गांव में एफआरटी कर्मचारी राकेश कुमार को करंट लगने की घटना के विरोध में मानासी ग्रिड के सामने ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन समाप्त हो गया। सुबह से बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर जुटे रहे और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया था कि लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। दोपहर बाद एसडीएम मोहर सिंह मीणा धरना स्थल पहुंचे और प्रतिनिधिमंडल से कई दौर की वार्ता की। इसके बाद प्रशासन, बिजली विभाग और प्रदर्शनकारियों के बीच सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई। लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।

इलाज और वेतन का पूरा खर्च उठाएगी कंपनी

माकपा नेता विजेंद्र ढाका ने बताया कि समझौते के अनुसार घायल एफआरटी कर्मचारी राकेश कुमार का संपूर्ण इलाज कंपनी कराएगी। कर्मचारी के पूरी तरह स्वस्थ होकर ड्यूटी पर लौटने तक उसे नियमित वेतन भी दिया जाएगा। अस्पताल से छुट्टी के बाद ओपीडी में होने वाले इलाज और दवाइयों का खर्च भी कंपनी वहन करेगी। साथ ही परिवार द्वारा अब तक इलाज पर किए गए खर्च की प्रतिपूर्ति भी की जाएगी।

सहमति के तहत ठेकेदार की ओर से घायल कर्मचारी को मानवीय आधार पर 10 दिनों के भीतर ₹5 लाख की आर्थिक सहायता चेक के माध्यम से दी जाएगी। यदि दुर्घटना के कारण कर्मचारी स्थायी रूप से दिव्यांग होता है या उसकी मृत्यु होती है तो नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाएगा।

सुरक्षा नियमों की सख्ती से होगी पालना

एसडीएम मोहर सिंह मीणा ने बताया कि धरने की सभी मांगों को लिखित रूप से स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने बिजली विभाग के एक्सईएन को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और सुरक्षा नियमों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

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