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एडीजे रेश्मा खान का अमेरिका के न्यायिक फैलोशिप कार्यक्रम में चयन


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एडीजे रेश्मा खान का अमेरिका के न्यायिक फैलोशिप कार्यक्रम में चयन

21 देशों के 25 न्यायाधीशों में भारत से अकेली प्रतिनिधि; 26 सितंबर से वाशिंगटन डीसी और वर्जीनिया में होगा कार्यक्रम

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

डीडवाना : डीडवाना निवासी अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेश्मा खान का वर्ष 2026 के न्यायिक फैलोशिप कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है। अमेरिका में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में 21 देशों के केवल 25 न्यायाधीश एवं मजिस्ट्रेट शामिल होंगे। इनमें भारत से रेश्मा खान को एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है। वह पूर्व आईपीएस अधिकारी हबीब खां गौराण की पुत्री हैं।

न्यायिक फैलोशिप कार्यक्रम 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक वाशिंगटन डीसी और चार्लोट्सविले, वर्जीनिया में आयोजित होगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर कानून के शासन को मजबूत करना, न्यायिक सुधार एवं न्यायिक स्वतंत्रता पर विचार-विमर्श, नैतिक निर्णय प्रक्रिया और पारदर्शिता को बढ़ावा देना तथा विभिन्न देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के अनुभव साझा करना है।

कार्यक्रम के पहले चरण में 26 सितंबर से 4 अक्टूबर तक वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों का अध्ययन, कार्यशालाएं तथा अमेरिकी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न सत्र होंगे। इसके बाद 5 से 10 अक्टूबर तक चार्लोट्सविले में वर्जीनिया विश्वविद्यालय और जेम्स मैडिसन के मॉन्टपीलियर में शैक्षणिक सत्र, मामले आधारित अध्ययन और संवादात्मक कार्यशालाएं आयोजित होंगी।

कार्यक्रम में अल्बानिया, अर्जेंटीना, बोलीविया, बोत्सवाना, कैमरून, कोलंबिया, इक्वाडोर, मिस्र, घाना, इंडोनेशिया, केन्या, मलावी, मैक्सिको, मोल्दोवा, नाइजीरिया, पराग्वे, फिलीपींस, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, यूक्रेन और जाम्बिया सहित 21 देशों के न्यायिक अधिकारी शामिल होंगे।

भारत से रेश्मा खान का अकेले चयन होना भारतीय न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उनके चयन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय न्यायिक व्यवस्था और न्यायिक क्षमता की पहचान को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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