गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा का बेटा सुभाष कोर्ट से डिस्चार्ज:राजू ठेहट गैंग पर हमले के लिए MP से आए थे हाईटेक हथियार; अभी जमानत पर
गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा का बेटा सुभाष कोर्ट से डिस्चार्ज:राजू ठेहट गैंग पर हमले के लिए MP से आए थे हाईटेक हथियार; अभी जमानत पर
सीकर : सीकर की एससी-एसटी कोर्ट ने कार्बाइन (हाईटेक बंदूक) सहित हथियारों का जखीरा मिलने के मामले में गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष को मामले से डिस्चार्ज कर दिया। जज अशोक सेन ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए सुभाष को मामले से डिस्चार्ज किया। फिलहाल सुभाष अन्य मामले में जमानत पर बाहर है।
मामले में पैरवी करने वाले पवन शर्मा और रघुनाथराम सुला ने बताया- सीकर की सदर थाना पुलिस ने साल 2018 में नाकाबंदी के दौरान नागा की ढाणी तन रामपुरा में चंद्रभान, नरेश और मनोज को पकड़ा था। इनके पास से कार्बाइन (हाईटेक बंदूक), 7 पिस्टल और 600 कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ IPC की 302/115, 201, 120B और आर्म्स एक्ट की 3 और 7/25 धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि यह हथियार मध्यप्रदेश से बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष ने शिवराज गैंग से मंगवाए थे। राजू ठेहट गैंग पर हमला करने के लिए यह हथियार मंगवाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 173 (8) के तहत आरोपी मानते हुए जांच पेंडिंग रखी। वहीं मामले में पहले पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ चालान पेश हो गया था, जिन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया था।
पिछले साल कोर्ट में किया था सरेंडर
पिछले साल कोर्ट में सरेंडर करने के बाद सदर थाना पुलिस ने आरोपी सुभाष बानूड़ा को गिरफ्तार करके पूछताछ की। इसके बाद उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। अब कोर्ट के द्वारा बहस के दौरान ही सुभाष को मामले में डिस्चार्ज कर दिया गया।
कोर्ट ने पर्याप्त सबूत नहीं माने
एडवोकेट पवन शर्मा, रघुनाथ राम सुला ने बताया- आरोपी सुभाष के खिलाफ कोर्ट में जो चार्जशीट पेश की गई, उसमें कोई भी बरामदगी नहीं थी। केवल पूछताछ नोट के आधार पर चार्जशीट पेश की गई थी। ऐसे में कोर्ट ने सुभाष के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं माने और उसे डिस्चार्ज कर दिया।
अभी जमानत पर बाहर
आनंदपाल को पुलिस कस्टडी से फरार करवाने के मामले में सुभाष बानूड़ा फिलहाल अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से जमानत पर बाहर है। सिद्धू मूसेवाला मर्डर में भी सुभाष का नाम सामने आया था। हालांकि पुलिस जांच में वह आरोपी साबित नहीं हुआ। यह लॉरेंस गैंग से भी जुड़ा था।
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