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लंबित मांगो को लेकर आंगनवाड़ी कर्मचारियों का विरोध:रैली निकाल सीडीपीओ ऑफिस पहुंचे, अधिकारी नहीं मिले तो सीट पर चस्पाया ज्ञापन


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खंडेलाटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसीकर

लंबित मांगो को लेकर आंगनवाड़ी कर्मचारियों का विरोध:रैली निकाल सीडीपीओ ऑफिस पहुंचे, अधिकारी नहीं मिले तो सीट पर चस्पाया ज्ञापन

लंबित मांगो को लेकर आंगनवाड़ी कर्मचारियों का विरोध:रैली निकाल सीडीपीओ ऑफिस पहुंचे, अधिकारी नहीं मिले तो सीट पर चस्पाया ज्ञापन

खंडेला : खंडेला में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने लंबित मांगो को लेकिर विरोध जताया। कर्मचारियों ने रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए सीडीपीओ ऑफिस पहुंची। सीडीपीओ ऑफिस पहुंचकर सीएम के नाम ज्ञापन देना चाहा लेकिन सीडीपीओ अनुपस्थित मिले। कर्मचारियों ने नाराज होकर ज्ञापन की प्रति सीडीपीओ की सीट पर चस्पा कर दी।

सीडीपीओ के अनुपस्थित मिलने पर कर्मचारियों ने ज्ञापन सीट पर चिपका दिया।
सीडीपीओ के अनुपस्थित मिलने पर कर्मचारियों ने ज्ञापन सीट पर चिपका दिया।

कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाने का आरोप लगाया

प्रदर्शन के दौरान पिंकी देवी ने विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लगातार फोन कर धमकाया जा रहा है कि यदि केंद्र का ताला नहीं खोला गया तो उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा। पिंकी देवी ने इसे मानसिक प्रताड़ना बताते हुए कहा कि यह आंदोलन कर रहे कर्मचारियों पर दबाव बनाने का प्रयास है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ज्ञापन में 11 प्रमुख मांगें उठाई गईं, जिनमें ठेका प्रथा समाप्त करना, कुहेर परियोजना का ऑडिट कराना, नौ माह से बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान, गैर-आईसीडीएस कार्यों से आंगनवाड़ी कर्मियों को मुक्त करना, मध्यप्रदेश की तर्ज पर मानदेय बढ़ाना, ग्रेच्युटी का भुगतान, भवन किराया और प्रोत्साहन राशि के बकाया भुगतान, नियमितीकरण की नीति बनाना, महिला पर्यवेक्षकों के रिक्त पद भरना तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा एवं पेंशन सुविधा शामिल हैं।

आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि इसके परिणामस्वरूप विभाग में उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी।

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