[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

स्थानांतरण पर अनूठी पहल: दोनों विद्यालयों में अशोक का पौधा लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़बुहानाराजस्थानराज्य

स्थानांतरण पर अनूठी पहल: दोनों विद्यालयों में अशोक का पौधा लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

व्याख्याता मनोज कुमार ने कहा- पौधे आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मधु दहिया

पचेरी बड़ी : राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सोहली से स्थानांतरित होकर स्वतंत्रता सेनानी पंडित तारकेश्वर शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पचेरी बड़ी में कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर व्याख्याता मनोज कुमार ने दोनों विद्यालय परिसरों में अशोक का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की नींव भी हैं। प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण के साथ उसकी नियमित देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सोहली में आयोजित कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि मनोज कुमार, प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार, उपप्रधानाचार्य विनोद कुमार, व्याख्याता पूनम यादव, तारावती, रीता यादव, मंजू, रामबाबू, वरिष्ठ अध्यापक संत कुमार, राजेंद्र, पूनम चौधरी, राजेंद्र कुमार, शारीरिक शिक्षिका मुकेश यादव, अध्यापक महिपाल यादव, विष्णु, प्रयोगशाला सहायक योगित यादव, कंप्यूटर अनुदेशक सुमन, वरिष्ठ सहायक प्रतिभा, अध्यापिका मुनेश तथा सेवानिवृत्त ओमप्रकाश सहित विद्यालय स्टाफ ने पौधारोपण में सहभागिता निभाई।

वहीं स्वतंत्रता सेनानी पंडित तारकेश्वर शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पचेरी बड़ी में आयोजित कार्यक्रम में जेईएन मुनेश सैनी (सीबीईओ कार्यालय, बुहाना), प्रधानाचार्य श्रीपाल, प्रधानाचार्य महेंद्र यादव, उपप्रधानाचार्य अरविंद, प्रयोगशाला सहायक पुलकित यादव, राजेंद्र हवलदार, लालचंद, उदयभान सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। स्थानांतरण के अवसर पर की गई यह अनूठी पहल दोनों विद्यालयों में लंबे समय तक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

Related Articles