डीबी अस्पताल: लाखों खर्च करने के बाद भी गंदगी बरकरार:युवा कांग्रेस ने झाड़ू लगाकर किया विरोध प्रदर्शन
डीबी अस्पताल: लाखों खर्च करने के बाद भी गंदगी बरकरार:युवा कांग्रेस ने झाड़ू लगाकर किया विरोध प्रदर्शन
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : चूरू के डीबी अस्पताल में हर महीने 6 से 7 लाख रुपए सफाई पर खर्च किए जाने के बावजूद गंदगी और अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है। सफाई, पेयजल और अन्य सुविधाओं में सुधार की मांग पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को अस्पताल परिसर में झाड़ू लगाकर विरोध जताया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सफाई व्यवस्था में कमी मिलने पर ठेकेदार को नोटिस दिए जा रहे हैं और भुगतान में भी कटौती की जा रही है।
ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, झाड़ू लेकर उतरे कार्यकर्ता
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आसिफ खान ने बताया कि एक सप्ताह पहले अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने पुराने अस्पताल के सामने स्थित पार्क सहित अस्पताल परिसर में सफाई अभियान चलाकर प्रशासन का ध्यान अव्यवस्थाओं की ओर आकर्षित किया।
आधुनिक भवन बने, लेकिन गंदगी पर नहीं लग पा रही रोक
डीबी अस्पताल में एक ओर नए भवन बनाकर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लचर सफाई व्यवस्था इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर फैला कचरा और दुर्गंध मरीजों व उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में बीमारी के इलाज से पहले गंदगी का सामना करना पड़ता है।

उफनता चैंबर और गंदे शौचालय बढ़ा रहे संक्रमण का खतरा
ऑर्थोपेडिक विभाग के सामने कई दिनों से एक चैंबर उफान मार रहा है। आसपास गंदा पानी जमा रहने और नियमित सफाई नहीं होने से दुर्गंध फैल रही है। इसी रास्ते से मरीज, परिजन और अस्पताल कर्मी गुजरते हैं। बरसात के मौसम में यह स्थिति संक्रमण का खतरा बढ़ा रही है। अस्पताल के कई शौचालयों में भी नियमित सफाई नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
अधीक्षक का पक्ष: ठेकेदार को नोटिस, भुगतान में की जा रही कटौती
डीबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी ने बताया कि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अस्पताल प्रशासन की समिति प्रतिदिन सभी वार्डों का निरीक्षण करती है और जहां सफाई संतोषजनक नहीं मिलती, वहां संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाता है। उन्होंने बताया कि मई और जून में सफाई व्यवस्था में कमी मिलने पर ठेकेदार के करीब 50 हजार रुपए के भुगतान में कटौती की गई है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था के लिए 80 सफाईकर्मी नियुक्त हैं, जिनमें 64 कर्मचारी प्रतिदिन ड्यूटी पर रहते हैं, जबकि 16 रिलीवर के रूप में तैनात हैं, ताकि किसी कर्मचारी की गैरमौजूदगी में सफाई कार्य प्रभावित न हो। प्रशासन का दावा है कि व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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