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बाबा बुटीनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन:महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली, पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया


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बाबा बुटीनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन:महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली, पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया

बाबा बुटीनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन:महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली, पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया

सिंघाना : सिंघाना पंचायत समिति के ढाणी हुकमा स्थित बोराली जोहड़ी में शनिवार को बाबा बुटीनाथ मंदिर में प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा समारोह श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

समारोह के तहत महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर एक भव्य कलश यात्रा निकाली। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच यह यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर चिड़ावा रोड, देवीपुरा और खातियों की ढाणी सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई वापस मंदिर पहुंची। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने भाग लिया।

यात्रा के दौरान श्रद्धालु बाबा बुटीनाथ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े, जिससे पूरा गांव भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति के बारे में बताया

मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के बाद बाबा बुटीनाथ की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। विद्वान आचार्यों ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति के महत्व से अवगत कराया।

इस अवसर पर आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा बुटीनाथ के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र में खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि बाबा बुटीनाथ मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में दूर-दराज के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।

ये रहे मौजूद

इस मौके पर रूकमानंद, ख्यालीराम, ईश्वर धायल, अनिल धायल, हरिसिंह, मालाराम, राधेश्याम, गिरधारी लाल, केदारमल, बाबूलाल शर्मा, महावीर सेन, संदीप धायल, दारासिंह, बबली, सत्यनारायण, अनिल जांगिड़, जयपाल, रवि जांगिड़, नवीन कुमार, कमला देवी, सुनीता, किरण, सपना, संजू, रामकला, भतेरी देवी, विमला देवी, संतरा देवी, संतोष देवी, सुमित्रा देवी, उषा, कमलेश और रेखा देवी सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।

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