गुढ़ा बोले-राठौड़ 7 बार विधायक, कार्यकर्ताओं के बीच उकड़ू बैठते:EWS मांगों पर सरकार को चेतावनी, कहा- फिर गूंजेगा ‘कमल का फूल, हमारी भूल’
गुढ़ा बोले-राठौड़ 7 बार विधायक, कार्यकर्ताओं के बीच उकड़ू बैठते:EWS मांगों पर सरकार को चेतावनी, कहा- फिर गूंजेगा ‘कमल का फूल, हमारी भूल’
सीकर : सीकर में EWS आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर आयोजित कार्यक्रम में विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने सरकार को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो फिर से ‘कमल का फूल, हमारी भूल’ जैसे नारे सुनाई दे सकते हैं।
गुढ़ा ने इस दौरान वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ की सादगी और संगठन के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सात बार विधायक रहने के बावजूद वे कार्यकर्ताओं के बीच उकड़ू बैठने में संकोच नहीं करते। वहीं सतीश पूनिया के प्रदेश अध्यक्ष से राज्यसभा सांसद बनने के सफर का भी जिक्र किया।
सीकर में रविवार को रामलीला मैदान में स्थित एक मैरिज गार्डन में ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच के द्वारा जनसभा आयोजित की गई। इस जनसभा में राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ और पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी शिरकत करने के लिए पहुंचे। राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि समाज के लोग अपने बच्चों के भविष्य और अधिकारों की चिंता को लेकर आज एकजुट हुए। ईडब्ल्यूएस वर्ग की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से उठाने की आवश्यकता है।

गरीब राजपूत की चिंता कोई नहीं करता
पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि आज सरकार में ठिकानेदार,राजा-महाराजा बैठे हैं, वह गरीब राजपूत की पीड़ा को जानते हैं क्या? गरीब राजपूत की चिंता कोई नहीं करता। मुगलों के समय जिसका खून बहा वह राजपूत था। हजारों महिलाओं ने अग्नि स्नान किया। हिंदुस्तान को हिंदुस्तान रखने के लिए हमने कीमत चुकाई है। कांग्रेस ने हमें 14% आरक्षण का अधिकार दिया था, जिसे अब 10% कर दिया गया। फिर भी इनके जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। किस बात का जिंदाबाद? 10% में भी कई शर्त लगा दी।
राज्यसभा-लोकसभा में मुसलमान को टिकट नहीं
गुढ़ा ने कहा कि जो आपकी चिंता करें आप उसकी चिंता करो। 25 लोकसभा टिकट में से एक भी मुसलमान को नहीं दी गई। फिर भी 100% वोट मुसलमान कांग्रेस को ही देते हैं। राज्यसभा में भी मुसलमान को टिकट नहीं दी। क्योंकि 100% मुसलमान कांग्रेस का है, वह बीजेपी को वोट दे ही नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि 7 बार के एमएलए और 4 बार के मंत्री राजेंद्र राठौड़ आज उकड़ू बैठे हैं। सतीश पूनिया एक बार के विधायक, जिन्हें पहले प्रदेश अध्यक्ष और अब राज्यसभा में भेज दिया। क्योंकि जाट बंबू ठोकते हैं। जाट से राजनीति सीखो। जाट नाराज हो जाएगा,राज्यसभा में भेजो, उपराष्ट्रपति बनाओ, प्रदेश अध्यक्ष बनाओ नहीं तो जाट नाराज हो जाएगा। लेकिन राजपूत नाराज हो ही नहीं सकते, जाएंगे भी कहां।
गुढ़ा ने कहा कि पठानों ने राव शेखा का साथ दिया था। हर लड़ाई में पठान उनके साथ थे। हमारे लिए खून बहाया था। इस्लामपुर गांव पठानों का है, अब राजस्थान सरकार उसका नाम बदलना चाह रही है। इसलिए मैं लड़ाई लड़ रहा हूं।

EWS पात्रता में अपनाएं व्यवहारिक दृष्टिकोण
मीडिया से बातचीत में राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां दूसरे राज्यों से अलग है। इसलिए EWS पात्रता में व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
गुढ़ा ने कहा कि यदि EWS की मांगें नहीं मानी गई तो यह बड़ा जन आंदोलन बन सकता है। आनंदपाल एनकाउंटर के वक्त कमल का फूल हमारी भूल जैसे नारे लगे थे। वह लगने शुरू होंगे तो सरकार की पुड़ियां तल जाएगी।
जयपुर और दिल्ली में गांधीवादी तरीके से आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि EWS पात्रता को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं होने से अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जातियां राजस्थान में अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल है, जबकि केंद्र स्तर पर उन्हें भी EWS श्रेणी में माना जाता है।
राज्य सरकार द्वारा किए गए सरलीकरण के कारण कई युवाओं को केंद्र सरकार की सेवाओं में यह लाभ नहीं मिल रहा। राठौड़ ने कहा कि समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो जयपुर और दिल्ली में गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
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