बीदासर धरने पर बैठी महिला की बिगड़ी तबीयत, प्रशासन में मची हलचल 5 दिनों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरने प्रदर्शन को किया समाप्त
बीदासर धरने पर बैठी महिला की बिगड़ी तबीयत, प्रशासन में मची हलचल 5 दिनों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरने प्रदर्शन को किया समाप्त
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा
बीदासर : क्षेत्र में चल रहे धरने के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब तीन दिनों से धरने पर बैठी एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रशासन भी तुरंत हरकत में आ गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से धरने पर बैठी हुई थी। लगातार धूप और थकान के चलते उसकी हालत बिगड़ गई। जैसे ही इसकी सूचना प्रशासन को मिली, अधिकारी मौके पर पहुंचे और तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई गई। महिला को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी टांटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया जहां से सुजानगढ़ रैफर कर दिया सुजानगढ़ स्थित राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
इस घटना के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ता तेज कर दी। अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच समझाइश का दौर चला, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए जाते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ग्रामीणों की मांगों पर जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नजर बनाए हुए हैं।
ये था पुरा मामला
ग्राम हरीनगर से रामदेवरा जाने वाले वर्षों पुराने सार्वजनिक मार्ग को पुन खुलवाने और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय के समक्ष बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं महिलाओं ने धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई ग्रामीणों ने बताया कि गैर मुमकिन कटाणी रास्ता खसरा संख्या 2160/2001, जो रोही हरीनगर से रामदेवरा तक आवागमन का मुख्य मार्ग रहा है, उसे सेटलमेंट विभाग की कथित लापरवाही के चलते नए राजस्व नक्शे से हटा दिया गया। किसानों ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण उन्हें अपने खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरने में मनोज लूणा, चनरी देवी, कौशल्या देवी, निर्मा, लिछमा देवी, सपू, सुशीला, बिंदु देवी, कानाराम, गिरधारी, हेतराम, केशवराम, राजूराम, जगदीश, सीताराम, पप्पूराम, भलाराम, हीरालाल, सोहनलाल, दौलतराम, हरिराम, हेतराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों जनों ने लगातार धरना प्रदर्शन किया था।
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