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झुंझुनूं में ठेले हटाने का विरोध, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:बोले-40 साल पुराना रोजगार छिन लिया, आंदोलन की चेतावनी


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झुंझुनूं में ठेले हटाने का विरोध, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:बोले-40 साल पुराना रोजगार छिन लिया, आंदोलन की चेतावनी

झुंझुनूं में ठेले हटाने का विरोध, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:बोले-40 साल पुराना रोजगार छिन लिया, आंदोलन की चेतावनी

झुंझुनूं : गांधी चौक इलाके में मंगलवार (19 मई) को यातायात पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का विरोध अब तेज हो गया है। बुधवार को अपनी रोजी-रोटी छिनने से परेशान सभी रेहड़ी-ठेला संचालक एकजुट होकर जिला कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपनी समस्या को लेकर कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अपनी दुकानें उजड़ने से दुखी कई छोटे दुकानदार कलेक्ट्रेट परिसर में भावुक भी हो गए।

40 साल पुराना कारोबार, अब परिवार पालने का संकट

रेहड़ी-ठेला संचालकों ने बताया कि वे पिछले करीब 40 सालों से गांधी चौक क्षेत्र में ठेला और रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे मुख्य सड़क पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं करते, बल्कि सड़क किनारे नाले के ऊपर बैठकर छोटा-मोटा व्यापार करते हैं, ताकि यातायात बाधित न हो।

बिना नोटिस हटाने का आरोप, रोजी-रोटी उजड़ने का दर्द

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या उनके लिए वैकल्पिक स्थान तय किए उन्हें हटा दिया। उनका कहना है कि वर्षों से चल रहा रोजगार उजड़ गया है और अब परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। कई दुकानदारों ने भावुक होकर कहा कि बच्चों का पालन कैसे करेंगे, अब तो भूखों मरने जैसी स्थिति बन गई है।

प्रशासन की कार्रवाई को बताया एकतरफा

प्रदर्शन के दौरान ठेला संचालक सत्यनारायण स्वामी ने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताया। उन्होंने कहा कि वे मुख्य रास्ते को कभी बाधित नहीं करते और उनके ठेले पूरी तरह साइड में व्यवस्थित रहते हैं।

DYFI ने दिया समर्थन, प्रशासन को चेतावनी

इधर, इस मुद्दे पर अब सामाजिक और युवा संगठन भी समर्थन में उतर आए हैं। युवा संगठन DYFI के जिला महासचिव योगेश कटारिया भी कलेक्ट्रेट पहुंचे और दुकानदारों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि गरीब रेहड़ी-ठेला संचालकों को न्याय मिलना चाहिए और उन्हें तुरंत उसी स्थान पर फिर से ठेला लगाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए।

दर्जनों रेहड़ी-ठेला संचालक रहे मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान गांधी चौक के दर्जनों रेहड़ी-ठेला संचालक मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से चीरा सिंह, संजय पारीक, श्योराम कुमावत, भूर सिंह, जाकिर अली, सोनू कुमावत, मिट्ठू राम कुमावत, सत्यनारायण स्वामी, विकास स्वामी, जगदीश प्रसाद, नितिन, चंद्रभान, भरत, गंगाराम और बाबूलाल शामिल रहे।

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