आभा टोकन से सरकारी अस्पतालों में पर्ची कटवाने का सिस्टम प्रदेश में पूरी तरह से बंद होना चाहिए
आभा टोकन से सरकारी अस्पतालों में पर्ची कटवाने का सिस्टम प्रदेश में पूरी तरह से बंद होना चाहिए
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
लाडनूं : राजकीय अस्पतालों में आभा टोकन कटवाने वाले मरीजो की अस्पताल मे बहुत भारी भीड़ नजर आ रही है जो लंबे समय तक लाइन में लगी नजर आ रही है। प्रदेश की समस्त सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन जो कि यह है की सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजो को सबसे पहले आधार कार्ड से आभा कार्ड को प्रमाणित करने के बाद संबधित मरीज को उनका टोकन नंबर मिलेगा और उसी आभा टोकन नंबर से ही मरीज की पर्ची कटेगी, उसके बाद ही मरीज संबंधित डॉक्टर को दिखाकर अपना इलाज करवा सकता है। लेकिन इस आभा टोकन की वजह से रोजाना सैकड़ो मरीजों को बहुत भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है तथा कई मरीज संबंधित डॉक्टर को दिखाकर अपना इलाज करवाने से भी वंचित रह जाते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मुस्ताक खान कायमखानी ने बताया कि जानकारी के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय ने किसी अन्य कंपनी को आभा टोकन काटने का टेंडर दे रखा है, जिसका प्रति टोकन प्रति पर्ची के हिसाब से आभा टोकन काटने वाली कम्पनी कमीशन भी होता है तथा आभा टोकन से भर्ती होने वाले मरीजों का भी संबधित कम्पनी को कमीशन जाता है। सरकारी अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए आने वाले सैकडो मरीजो का कहना है कि इस आभा टोकन की वजह से बहुत से मरीज इलाज करवाने से वंचित रह जाते हैं, इसलिए इस तरह का यह सिस्टम पूरी तरह से सरकार को बंद कर देना चाहिए ताकि समय पर मरीजों का इलाज हो सके। तथा मरीजों को चिकित्सा स्वास्थ्य संबंधी समय पर लाभ प्राप्त हो सके।जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को सत्ताधारी पार्टी सहित विपक्षी दलों जोर जोर से उठाना चाहिए।
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