वोट के समय बड़े-बड़े वादे, अब बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण, चंवरा में महिलाओं का फूटा गुस्सा
सरकारी दावों की खुली पोल-उदयपुरवाटी विधानसभा के पहाड़ी बेल्ट में गहराया जल संकट; ग्रामीणों ने किया सांकेतिक प्रदर्शन, निःशुल्क टैंकर सप्लाई की मांग
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल
चंवरा : प्रदेश सरकार जहां एक ओर आमजन को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं इस उपखंड क्षेत्र के पहाड़ी बेल्ट के गांवों में जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहे चंवरा गांव के वार्ड नंबर 4 (अनुसूचित जाति बस्ती) के ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। पानी की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों और महिलाओं ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक बैठक कर उग्र प्रदर्शन किया। यह बैठक जल संघर्ष समिति के अध्यक्ष कामरेड नत्थूराम सैनी एवं अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति के संयोजक केके सैनी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई।
“नेताओं के वादों में निकल जाते हैं 5 साल, धरातल पर कुछ नहीं”
बैठक में मौजूद महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया। महिलाओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि “नेता लोग चुनाव के समय वोट मांगने के लिए तो बस्ती में आते हैं और बड़े-बड़े वादे भी कर जाते हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद धरातल पर कोई काम नहीं होता। नेताओं के खोखले वादों के बीच सरकार के पांच साल बड़े आराम से निकल जाते हैं, हम आज भी पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए तरस रहे हैं।

कागजों में निःशुल्क टैंकर, गरीबों की जेब पर डाका
ग्रामीणों ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलते हुए बताया कि सरकार ने गर्मियों में पेयजल किल्लत से निपटने के लिए निःशुल्क टैंकरों का ठेका तो दे रखा है। लेकिन आज तक इस मोहल्ले में एक भी सरकारी टैंकर नहीं पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे सभी दिहाड़ी मजदूरी करने वाले गरीब लोग हैं। सरकारी सप्लाई न होने के कारण उन्हें महंगे दामों पर निजी टैंकर डलवाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो उनके पेट पर लात मारने जैसा है।
बस्ती की मुख्य समस्याएं न बोरवेल, न टंकी
ग्रामीणों ने अपनी प्रमुख समस्याओं में बताया कि मोहल्ले में पीडब्ल्यूडी (जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग) की पाइपलाइन तो दबी हुई है, लेकिन उसमें कभी पानी की सप्लाई नहीं होती। पूरी बस्ती में एक भी सरकारी बोरवेल या पानी की बड़ी टंकी नहीं बनी हुई है, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ता है।
जिला कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
मौके पर मौजूद मुख्य अतिथि कामरेड नत्थूराम सैनी व केके सैनी ने ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा पर हर नागरिक का अधिकार है। प्रशासन को इस संवेदनशील मामले को तुरंत संज्ञान में लेना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि इस विकट समस्या से जिला कलेक्टर अरुण गर्ग को अतिशीघ्र अवगत करवाकर समाधान की मांग की जाएगी। इस सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान रिछपाल मेघवाल, विजेन्द्र गोठवाल, श्रीराम महरानियां, धोलू राम, राजेंद्र महरानियां, सूरज सबलानिया, पियूष खींची, छोटी देवी, प्रेम देवी, जितेंद्र गोठवाल, सुनीता देवी, गोविंद निर्मल, विक्रम खींची, मंजू देवी, कानाराम, पपीता देवी, विजय सबलानिया, अमन, विष्णु, राजकुमार, कृष्णा देवी, हीरालाल, आदित्य, मुकेश, गीता देवी, शालू खींची, पायल खींची, पूजा देवी सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरुष मौजूद रहे।
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