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1971 युद्ध के वॉर हीरो शहीद धर्मपाल डूडी के स्मारक पहुंचे लेफ्टिनेंट सुमित श्योराण


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1971 युद्ध के वॉर हीरो शहीद धर्मपाल डूडी के स्मारक पहुंचे लेफ्टिनेंट सुमित श्योराण

1971 युद्ध के वॉर हीरो शहीद धर्मपाल डूडी के स्मारक पहुंचे लेफ्टिनेंट सुमित श्योराण

पिलानी : भारत-पाक युद्ध 1971 के वॉर हीरो रहे शहीद धर्मपाल डूडी की यूनिट 65 मीडियम रेजिमेंट के नव नियुक्त लेफ्टिनेंट सुमित श्योराण गांव धिंधवा अगुणा स्थित शहीद स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर माला पहनाई तथा प्रसाद चढ़ाकर भारतीय सेना की अपनी यूनिट 65 मीडियम रेजिमेंट की खुशहाली की कामना की।

यह दूसरा अवसर है जब शहीद धर्मपाल डूडी की यूनिट के अधिकारी शहीद स्मारक पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं। इससे पूर्व अप्रैल माह में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा भेजा गया बांग्लादेश का राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र लेकर लेफ्टिनेंट विक्रांत, हवलदार रामबीर सिंह और अग्निवीर जीतू सिंह डारा शहीद के घर पहुंचे थे। उस दौरान भी उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी थी।

ग्रामीणों के अनुसार धिंधवा पंचायत शहीद धर्मपाल डूडी को देवतुल्य मानती है। गांव में शादी, त्योहार एवं अन्य शुभ अवसरों पर ग्रामीण शहीद स्मारक पर धोक लगाकर आशीर्वाद लेते हैं।

शहीद धर्मपाल डूडी के बड़े भाई एवं पूर्व सैनिक अमर सिंह डूडी ने कहा कि यह पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व का विषय है कि शहीद की यूनिट 65 मीडियम रेजिमेंट का नव नियुक्त अधिकारी शहीद के घर पहुंचा।

गौरतलब है कि आर्टिलरी की 65 मीडियम रेजिमेंट की एक बैट्री का नाम “धर्मपाल बैट्री” रखा गया है। यह शहीद धर्मपाल डूडी द्वारा 1971 के युद्ध में रेडियो ऑपरेटर के रूप में दिखाए गए अदम्य साहस और वीरता का प्रतीक माना जाता है। यूनिट में आज भी सुबह-शाम शहीद के जयकारों की गूंज सुनाई देती है।

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