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डोटासरा बोले- “नीट का पेपर 100% लीक हुआ”, सीबीआई जांच की मांग


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डोटासरा बोले- “नीट का पेपर 100% लीक हुआ”, सीबीआई जांच की मांग

मुख्यमंत्री-अधिकारी चाहते हैं कि हमारे से बला टल जाए; कहा- अब किरोड़ी लाल क्यों नहीं बोल रहे

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत

सीकर : सीकर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- नीट पेपर 100% लीक हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री और अधिकारी यह चाहते हैं कि हमारे से बला टल जाए। डोटासरा ने सोमवार को अपने सीकर स्थित आवास पर मीडिया से रूबरू हुए होते हुए राजस्थान में नीट परीक्षा के वायरल गैस पेपर मामले में यह कहा।

डोटासरा ने कहा- पिछली बार भी पेपरलीक हुआ था, उससे पहले भी पेपर डाउटफुल था। इस बार बहुत क्लियर है। उन्होंने कहा- एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने जो बयान दिया है, उससे स्पष्ट है कि पेपर आउट हो गया। एक जिम्मेदार यह कहे कि पेपर सबके पास आ गया। इसका मतलब पेपर आउट नहीं है, यह तो हंसने वाली बात है। 150 प्रश्न यदि पहले से तय हो और जिस पीडीएफ के बारे में बता रहे हैं, उसी की चर्चा क्यों है?

डोटासरा ने कहा- पिछली बार भी पेपरलीक हुआ था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का बहाना करके एक आदेश लेकर यह बच गए थे। डोटासरा ने कहा- मुझे लगता है कि बीजेपी का मानना है कि बेईमानी, भ्रष्टाचार हो, लेकिन अपने आदमी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। डोटासरा ने कहा- अब किरोड़ी लाल मीणा क्यों नहीं बोल रहे। किरोड़ी लाल मीणा और उनकी सरकार को बच्चों के भविष्य से मतलब नहीं है, उन्हें तो अपने भविष्य से मतलब है।

150 प्रश्न हूबहू आए, नंबरिंग भी मिले

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- हर कोचिंग वाला अपना गैस पेपर बनाता है तो उसकी चर्चा क्यों नहीं है। केवल केरल से आई पीडीएफ, जिसमें से 150 प्रश्न हूबहू आए और नंबरिंग भी उनका मिल गया है तो 100% यह पेपर आउट हुआ है।

डोटासरा ने कहा- राजस्थान में एक परसेप्शन बनाया गया था कि कांग्रेस सरकार के समय पेपरलीक हुए। अशोक गहलोत की सरकार ने सब पेपरलीक करवाए। डोटासरा ने कहा- यह पेपर लीक माफिया है, जो करते हैं। पेपर माफिया पर अंकुश लगाना सरकारों का काम होता है। इस पर हमारी सरकार ने भी प्रयास किया था और इन्होंने भी प्रयास किया।

सीबीआई से जांच कराएं इस पेपरलीक की

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, “पेपरलीक हुआ तो उसका मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इसके बाद सीबीआई से जांच करवाई जानी चाहिए। एक स्टेट इसकी जांच नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा- सीबीआई किस काम की है। विपक्षी दलों को टॉर्चर करने, पार्टी चेंज करवाने के लिए, सरकार गिराने के लिए क्या ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स बने हैं क्या।”

डोटासरा ने कहा- यह सबसे सटीक केस है, जिसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए और दोषियों को पकड़ा जाना चाहिए। स्टूडेंट के मन में अविश्वास की खाई जो दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, उसे खत्म करने का समय आ गया है। हमारी तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पेपरलीक करने वालों पर एक करोड़ का जुर्माना और आजीवन कारावास का प्रावधान किया था। वैसे ही भारत सरकार पूरे देश में एक ही कानून बनाकर इसे लागू क्यों नहीं करती।

केरल में मामला दर्ज पर कहा- मुख्यमंत्री चाहते हैं बला टल जाए

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- जब परिसीमन करना हो, तब इन्हें याद आ जाता है कि सब एक हो जाओ राष्ट्रहित में। वहीं जब कोई कानून पारित करवाना हो तो सारी बातें कर लेते हैं। जब पूरा विपक्ष कह रहा है कि इस पर कड़ा कानून बनाया जाना चाहिए। सीबीआई जांच करके दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए। वह काम इनको करना नहीं है।

डोटासरा ने कहा- मेरे संज्ञान में आया है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अधिकारी यह चाहते हैं कि हमारे से बला टल जाए। इस मामले में केरल में रिपोर्ट दर्ज हो। आप बताएं क्यों होनी चाहिए केरल में दर्ज? जब पेपरलीक होने के बाद यहां पर पढ़ा गया। उसके आधार पर स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया। सुनने में आ रहा है कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने 20 से ज्यादा लोगों को पकड़ रखा है, लेकिन उसमें कार्रवाई क्या की। उन्हें कौन सी धारा और कौन से मुकदमे में पकड़ा, यह सोच से परे है।

यह सरकार पूरी तरह से फेल है। पेपरलीक पूरी तरह से हुआ है। भारत सरकार को भी इस बारे में सोचना चाहिए। डोटासरा ने कहा- नीट की परीक्षा करवाने वाली एजेंसी में जिसे चेयरमैन बना रखा है। वह हमें बताता है कि यहां पर यह पार्टी जीत रही है, यहां यह जीत रही है। अब तक उन्हें आकर कह देना चाहिए कि पेपरलीक हुआ है, एग्जाम दोबारा करवाएंगे।

कहा- अब किरोड़ी मीणा क्यों नहीं बाेल रहे

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- पेपर आउट हो गया और हमारी सरकार पर इल्जाम है तो मत मानो। 12-12 केंद्रीय मंत्रियों को एक साथ हटाया गया। बीजेपी की नीति यही है कि है हम जो करें वो करें, हमारी मर्जी आए। हमें नहीं मानना तो नहीं मानना। न तो राजस्थान सरकार इस पर मुकदमा दर्ज करेगी, न भारत सरकार इस पर मुकदमा दर्ज करेगी तो क्या फिर अफगानिस्तान करेगी क्या।

डोटासरा ने कहा- किरोड़ीलाल मीणा छोटी-छोटी बातों पर इतना बड़ा आंदोलन करते थे। सब इंस्पेक्टर भर्ती का उन्होंने मूंछ का बाल बनाया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया, कोई बात नहीं। अब किरोड़ी लाल मीणा क्यों नहीं बोल रहे।  किरोड़ी लाल मीणा और उनकी सरकार को बच्चों के भविष्य से मतलब नहीं है, उन्हें तो अपने भविष्य से मतलब है।

पेपर लीक माफिया किसी भी सरकार में हो सकते हैं सक्रिय

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- एक तरफ तो आप कह रहे हो कि राजस्थान में सब पेपरलीक होते थे। वहीं अब कह रहे हो कि भाजपा राज में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ। ऐसा इन्होंने कैसा सॉल्यूशन लगा दिया कि फेविकोल का जोड़ है, जो निकलेगा ही नहीं। पेपर लीक माफिया तो कहीं भी, किसी भी सरकार में सक्रिय हो सकते हैं। आज कोई सा भी ऐसा स्टेट बता दो, जहां पेपरलीक नहीं हो रहे। राजस्थान में परसेप्शन बना दिया कि कांग्रेस सरकार के समय पेपरलीक हुए और गड़बड़ी हुई।

डोटासरा ने कहा- राजस्थान में 2004-05 से ही पेपर लीक गिरोह सक्रिय हो गया था। वह पकड़े जाते हैं और उन्हें जमानत मिल जाती है। डोटासरा ने कहा- एडीजी विशाल बंसल ने जो बयान दिया, वह जिम्मेदारी वाला बयान नहीं था। उन्होंने कहा था कि हम जांच नहीं कर सकते कि क्या घटना हुई। 20 साल बाद भी मर्डर का राज खुलता है। चोरी, साइबर अपराध के मामले ही जब ट्रेस आउट होते हैं तो छात्रों के साथ खिलवाड़ होना लैबोरियस काम हो गया, दूसरा कौन सा अच्छा काम है, वह बता दो।

राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, राजस्थान पुलिस और सरकार को यह पता लग गया कि पेपरलीक हुआ है तो रिपोर्ट कहां दर्ज करें, यह मायने नहीं रखता। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उसकी तह तक जाकर सीबीआई जांच के लिए राजस्थान की सरकार को सिफारिश करनी चाहिए। क्योंकि यह ऑल ओवर इंडिया की एग्जाम है, न केवल अकेले राजस्थान स्टेट की। जहां गड़बड़ी हुई है, वहां रिपोर्ट दर्ज हो और वह सीबीआई को रेफर होनी चाहिए। जांच होने के बाद ही पेपरलीक रैकेट पकड़ा जाएगा। वरना तो राजस्थान वाले छूं-छा करके छोड़ देंगे और कहेंगे कि हम कहां जाएंगे केरल।

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