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सावधान..! मासूमों की जिंदगी को दांव पर लगाने वाले स्कूली वाहनों पर RTO का कहर… 


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सावधान..! मासूमों की जिंदगी को दांव पर लगाने वाले स्कूली वाहनों पर RTO का कहर… 

खबरों में "स्कूल वाहनों की खुली पोल, तो सड़क पर उतरा आरटीओ" काटे गए भारी चालान... 

जनमानस शेखावाटी ब्यूरो चीफ : आबिद खान

​फतेहपुर : जब एक मां अपने कलेजे के टुकड़े को स्कूल बस में बैठाती है, तो उसे भरोसा होता है कि उसका बच्चा सुरक्षित है। लेकिन क्या ये वाहन ‘चलता-फिरता डेथ वारंट’ बन चुके हैं? जनमानस शेखावाटी न्यूज की ‘ग्राउंड जीरो’ रिपोर्ट ने जब इन स्कूली वाहनों की पोल खोली, तो परिवहन विभाग ने कानूनी डंडा चलाना शुरू कर दिया हैं।

परिवहन विभाग ने इन जर्जर और नियमों को ताक पर रखने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ सीधा सघन अभियान छेड़ दिया है। आर टी ओ की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद लापरवाह स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है और शहरभर में कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।

​सड़क पर उतरा आरटीओ का दस्ता, काटे गए भारी चालान
​गुरुवार सुबह जब शहर जाग ही रहा था, आरटीओ की टीम जर्जर और अवैध रूप से चल रहे स्कूली वाहनों पर काल बनकर टूट पड़ी। इंस्पेक्टर सतवीर ने सुबह सुबह ही सड़कों पर उतरकर जांच अभियान छेड़ दिया तो भारतीय स्कूल के वाहन संख्या RJ 23 PA 8851 में गंभीर कमियां मिलीं। परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर ने 7,000 रुपये का भारी चालान स्कूली वाहन का काटकर यह साफ संदेश दे दिया कि अब “जुगाड़” और “सेटिंग” का दौर खत्म हो चुका है। इस कार्रवाई से दो दिन पहले भी आरटीओ हनुमान सिंह तरड़ ने खुद सड़को पर उतरकर कई वाहनों को चेक कर चालान की कार्रवाई की हैं।

​स्कूली वाहनों में मची खलबली, अभिभावकों ने ली राहत की सांस

आरटीओ टीम की ​इस कार्रवाई से उन वाहन स्वामियों में भगदड़ मच गई है जो अनफिट गाड़ियों में मासूमों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंसते हैं। अभिभावकों का कहना है, कि आर टी ओ की इस कार्रवाई से हमारे बच्चो की सुरक्षा बढ़ी हैं। और आरटीओ की यह सख्ती ही इन लापरवाहों का इलाज है।” विभाग की इस ‘रडार’ ने अब उन सभी की रातों की नींद उड़ा दी है जो बच्चों की जान की कीमत को शून्य समझते थे। और कबाड़ वाहनों में बच्चो को मौत का सफर करवा रहे थे

एक अभिभावक ने कहा कि हम मोटी फीस के साथ बाल वाहिनी में बच्चो को भेजने का भारी किराया भी देते हैं, बावजूद इसके बिना कागजों और सुरक्षा मानकों वाले वाहनों में हमारे बच्चों को भरकर ले जाया जाना कहां तक सही हैं। अब जनता खुलकर प्रशासन की इस कार्रवाई का समर्थन करती नजर आ रही है और लोग लगातार सख्त जांच की मांग उठा रहे हैं। बहरहाल आरटीओ हनुमान सिंह तरड़ और इंस्पेक्टर सतवीर लगातार सड़कों पर स्कूली वाहनों को लेकर चेकिंग और धरपकड़ अभियान पर मुस्तैद नजर आ रहे हैं।

इनका क्या कहना हैं?
​”हमारा मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाना है। हमारी टीम नजर रखे हुए है; जो भी वाहन नियमों को रौंदेगा, उसे सड़क से उठाकर सीज कर दिया जाएगा। यह चेकिंग अब और ज्यादा सघन होगी। स्कूली संचालकों को साफ संदेश है कि कानून का पालन करें, और हमारा सहयोग करे अपने वाहनों के कागज दुरुस्त रखें और उसके बाद ही बच्चों को बैठाएं, अन्यथा किसी भी कीमत पर बिना कागजों वाले वाहन चलने नहीं दिए जाएंगे।”
हनुमान सिंह तरड़, आरटीओ इंस्पेक्टर, फतेहपुर (सीकर)

जनमानस शेखावाटी न्यूज की खबर का असर अब सड़कों पर साफ दिख रहा है। आरटीओ की इस दबंग कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर सुधार नहीं हुआ, तो भारी जुर्माने के साथ-साथ बिना कागजों वाले वाहन सीधे कबाड़खाने भेजे जा सकते हैं। अब देखना होगा कि आरटीओ की इस सख्ती के बाद कितने स्कूल और वाहन संचालक नियमों का पालन करते नजर आते हैं। क्योंकि हमारी टीम लगातार ग्राउंड पर उतरकर मासूमों की सुरक्षा और जनता के हित से जुड़े मुद्दों को बेबाकी से उजागर कर रही है। और करती रहेगी

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