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जटायु के बलिदान और हनुमान मिलन प्रसंग से भाव-विभोर हुआ रामलीला मैदान


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जटायु के बलिदान और हनुमान मिलन प्रसंग से भाव-विभोर हुआ रामलीला मैदान

सप्तम दिवस की रामकथा में उमड़ा आस्था का सैलाब, महाराज धर्मदास जी ने सुनाया त्याग, धर्म और भक्ति का संदेश

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : चंद्रकांत बंका

झुंझुनूं : शहर के चूना चौक स्थित रामलीला मैदान में आयोजित श्रीराम कथा के सप्तम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास महाराज धर्मदास जी ने भगवान श्रीराम, माता जानकी, जटायु एवं हनुमान जी के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा पंडाल देर रात तक “जय श्रीराम” के उद्घोषों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम संयोजक महेश बसावतिया ने बताया कि कथा के दौरान महाराज धर्मदास जी ने स्वर्ण मृग प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि माता सीता के आग्रह पर भगवान श्रीराम स्वर्ण मृग के पीछे गए तथा बाद में लक्ष्मण जी भी उनकी खोज में वन की ओर चले गए। इसी दौरान रावण साधु वेश धारण कर आया और माता जानकी का हरण कर पुष्पक विमान से लंका ले गया।

कथा व्यास ने जटायु प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि जब जटायु ने माता सीता को रावण के साथ जाते देखा तो उसने धर्म और नारी सम्मान की रक्षा के लिए रावण को ललकार दिया। जटायु ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना रावण से युद्ध किया, लेकिन रावण ने उसके पंख काट दिए, जिससे वह घायल होकर धरती पर गिर पड़ा।

महाराज धर्मदास जी ने बताया कि जब भगवान श्रीराम माता सीता की खोज करते हुए जटायु के पास पहुंचे, तब जटायु ने अंतिम समय में पूरी घटना का वर्णन किया। भगवान श्रीराम ने जटायु को पिता तुल्य मानकर उसे मोक्ष प्रदान किया। इस प्रसंग को सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

कथा के अगले प्रसंग में महाराज धर्मदास जी ने भगवान श्रीराम और हनुमान जी के प्रथम मिलन का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि इसी मिलन से रामभक्ति, सेवा और समर्पण की महान गाथा का आरंभ हुआ।

कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ भक्तिरस में डूबे नजर आए। आयोजन स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं धार्मिक झांकियों से सजाया गया था, जिससे पूरा रामलीला मैदान आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर दिखाई दिया।

इस अवसर पर विनोद पुजारी, पवन शर्मा देरवाला, शिवचरण पुरोहित, बालमुकुंद शर्मा, गोपीराम पुरोहित, मोहन पुरोहित, संजय भार्गव, पूर्व पार्षद विनोद सिंघानिया, पवन पंसारी, बाबूलाल सैनी सांखला, वशिष्ठ कुमार शर्मा, योगेश चोमाल, सुरेंद्र भीमसरिया, पवन पुजारी, रामचंद्र पाटोदा, अमित पांडे, सौरभ जोशी, प्रवीण शर्मा, अंकित शर्मा, विवेक बावलिया, लीलाधर पुरोहित, ख्यालीराम कुमावत, प्रमोद टिबड़ा सहित शहर के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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