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सूरजगढ़ में बिजली कर्मचारियों का धरना, अधिकारियों पर गंभीर आरोप:सहायक और जेईएन पर ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप


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सूरजगढ़ में बिजली कर्मचारियों का धरना, अधिकारियों पर गंभीर आरोप:सहायक और जेईएन पर ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप

सूरजगढ़ में बिजली कर्मचारियों का धरना, अधिकारियों पर गंभीर आरोप:सहायक और जेईएन पर ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप

सूरजगढ़ : सूरजगढ़ में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सहायक अभियंता और जेईएन पर ठेकेदार फर्म ‘मैसर्स संध्या एंड कंपनी’ को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

कर्मचारियों का आरोप है कि फॉल्ट सुधार के लिए नियुक्त एफआरटी (Fault Repair Team) को ग्रामीण क्षेत्रों में काम न करने के मौखिक आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि एफआरटी टीम को काम से दूर रखा जा रहा है और उनसे उनके क्षेत्र के अलावा अन्य फीडरों पर काम करवाया जा रहा है। जीएसएस पर फ्यूज बांधने जैसे गैर-नियमित कार्य कराए जा रहे हैं, जिसके बाद उन्हीं कार्यों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें फोन पर निलंबन की धमकी दी जा रही है और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। अवकाश के दिनों में भी बिना आदेश और बिना मुआवजे के काम का दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य ठेकेदार फर्म को फायदा पहुंचाना और बाद में भुगतान सुनिश्चित करना है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी अनुचित कारण बताओ नोटिस वापस नहीं लिए जाते, गैर-नियमित आदेश रद्द नहीं होते और मानसिक प्रताड़ना बंद नहीं की जाती, तब तक वे कार्य का बहिष्कार कर सकते हैं।

इस मामले पर कनिष्ठ अभियंता धर्मवीर सोलंकी ने बताया कि एफआरटी टीम ग्रामीण क्षेत्रों में काम नहीं कर रही थी, जिसके कारण बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और आवश्यकता पड़ने पर एफआरटी को कार्यमुक्त किया जा सकता है। यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं होता है, तो क्षेत्र में बिजली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

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