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पपुरना में फर्जी पट्टों का बड़ा खेल उजागर, तीन पीढ़ियों से रह रहे परिवारों की जमीन पर कब्जे की साजिश का आरोप


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पपुरना में फर्जी पट्टों का बड़ा खेल उजागर, तीन पीढ़ियों से रह रहे परिवारों की जमीन पर कब्जे की साजिश का आरोप

पपुरना में फर्जी पट्टों का बड़ा खेल उजागर, तीन पीढ़ियों से रह रहे परिवारों की जमीन पर कब्जे की साजिश का आरोप

खेतड़ी : पंचायत समिति खेतड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत पपुरना में फर्जी पट्टा प्रकरण ने बड़ा रूप ले लिया है। तीन पीढ़ियों से रह रहे परिवारों की जमीन पर कथित कब्जे की साजिश के तहत फर्जी दस्तावेजों से 35–40 पट्टे जारी किए जाने का मामला सामने आया है।

सरपंच प्रशासक विमला देवी ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (23 सितंबर 2021 से 12 जून 2025 तक पदस्थापित) ने नियमों को दरकिनार कर फर्जी पट्टा बुक (बुक संख्या 17) के जरिए पट्टे जारी किए। इन पट्टों पर सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर और नकली मोहर का उपयोग किया गया तथा बिना जानकारी के उप तहसील बबाई में पंजीयन भी करवा लिया गया।

विमला देवी ने खुद को इस पूरे मामले से अलग बताते हुए कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश है, जिसका उद्देश्य सरपंच को बदनाम करना और पंचायत की कीमती जमीन पर कब्जा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम विकास अधिकारी और भूमाफिया की मिलीभगत से यह कूट रचना की गई।

मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। समाजसेवी संजय देव गुर्जर, उपसरपंच अंजनी गुप्ता, इकबाल कुरैशी, जाकिब हुसैन, सराजुद्दीन, धर्मपाल, राजेंद्र सिंह निर्वाण, पुरुषोत्तम जांगिड़, दिलीप जांगिड़, बुलिया गुर्जर, राजकुमार, धर्मपाल पहलवान सहित कई ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बताया जा रहा है कि जिन जमीनों पर फर्जी पट्टे जारी किए गए हैं, वे ग्राम पंचायत की कीमती आबादी भूमि है, जहां एक पौराणिक मंदिर भी स्थित है। इस क्षेत्र में वर्षों से बसे परिवारों के मकानों के पट्टे भी अन्य लोगों के नाम कर दिए गए हैं।

पीड़ित परिवारों रहमत बानो, उल्फत बानो, माफिया बानो और नजमा बानो ने बताया कि वे वर्षों से उसी भूमि पर निवास कर रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी, राशन कार्ड सहित सभी दस्तावेज मौजूद हैं, बावजूद इसके उनकी जमीन के पट्टे दूसरों के नाम कर दिए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि इन पट्टों का कोई रिकॉर्ड ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं है, न ही ग्रामसभा या पंचायत बैठक में कोई स्वीकृति दी गई। बिना सार्वजनिक सूचना और शुल्क के ही पट्टे जारी कर दिए गए।

मामले में एक ही व्यक्ति के नाम कई पट्टे जारी होने का खुलासा हुआ है-शैलेन्द्र कुमार के नाम 6, अमित कुमार के नाम 5 और वसीम कुरैशी के नाम 3 पट्टे दर्ज बताए जा रहे हैं। साथ ही बाहरी लोगों को भी पट्टे दिए जाने की बात सामने आई है।

सरपंच प्रशासक विमला देवी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और पंचायत राज विभाग को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उप पंजीयक कार्यालय बबाई से पट्टों की सत्य प्रतियां भी प्राप्त कर ली हैं। इस पूरे मामले ने ग्राम स्तर पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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