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‘गौ संस्कृति’ ही समाज की मूल पहचान’:हरसावा में निकाली जागरूकता रैली, गोशालाओं की व्यवस्था सुधारने की मांग


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‘गौ संस्कृति’ ही समाज की मूल पहचान’:हरसावा में निकाली जागरूकता रैली, गोशालाओं की व्यवस्था सुधारने की मांग

'गौ संस्कृति' ही समाज की मूल पहचान':हरसावा में निकाली जागरूकता रैली, गोशालाओं की व्यवस्था सुधारने की मांग

फतेहपुर : फतेहपुर क्षेत्र में ‘गो बचाओ अभियान’ ने अब जनआंदोलन का रूप ले लिया है। इस अभियान का नेतृत्व विकास ब्रह्मचारी और कारंगा आश्रम के संत सूर्यनाथ महाराज कर रहे हैं। इसके तहत गांवों में जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीणों को गो संस्कृति के महत्व और गायों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

‘गो संस्कृति’ ही समाज की मूल पहचान’

अभियान के वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति में गाय के विशेष स्थान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘गो संस्कृति’ ही समाज की मूल पहचान है और गाय सुरक्षित रहने पर ही हमारी परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह पाएगी। ग्रामीणों से आवारा पशुओं की देखभाल करने और गोवंश संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।

गांवों में जनजागरण के बाद सोमवार को बुधगिरी मढ़ी में सभा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और गौ-सेवक शामिल हुए। उपखंड अधिकारी दमयंती कंवर भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

सभा के दौरान ‘गो बचाओ अभियान’ के प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें क्षेत्र में गौशालाओं की व्यवस्था मजबूत करने, आवारा गोवंश के लिए स्थायी समाधान, चारे-पानी की उचित व्यवस्था और गोवंश की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की गई।

गो संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया

उपखंड अधिकारी दमयंती कंवर ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि इन मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने गो संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया और अभियान को भविष्य में भी जारी रखने का निर्णय लिया।

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