सादुलपुर में बिना परीक्षा के बांटी डिग्रियां:यूनिवर्सिटी के पूर्व अधिकारियों की मिलीभगत आई सामने, आईपीएस अभिजीत पाटिल को सौंपी जांच
सादुलपुर में बिना परीक्षा के बांटी डिग्रियां:यूनिवर्सिटी के पूर्व अधिकारियों की मिलीभगत आई सामने, आईपीएस अभिजीत पाटिल को सौंपी जांच
सादुलपुर : सादुलपुर में फर्जी डिग्रियों और अंकतालिकाओं के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बिना परीक्षा आयोजित किए छात्रों को पास दिखाकर फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां बांटने का यह मामला सामने आया है।
एसपी निश्चय प्रसाद एम.के. के निर्देश पर हमीरवास थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है। ओपीजेएस यूनिवर्सिटी के वर्तमान चेयरमैन डॉ. अक्षय शर्मा की शिकायत पर ये कार्रवाई की गई, जिन्होंने स्वयं इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था।
इस मामले की जांच आईपीएस अधिकारी अभिजीत पाटिल को सौंपी गई है। पुलिस का मानना है कि जांच के दौरान इस रैकेट से जुड़े कई अन्य बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2025 में यूनिवर्सिटी में कोई परीक्षा नहीं हुई थी। इसके बावजूद छात्रों को उत्तीर्ण दिखाकर फर्जी अंकतालिकाएं और डिग्रियां जारी कर दी गईं। इस खुलासे ने पूरे शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में यूनिवर्सिटी के पूर्व स्टाफ और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। पुलिस ने डॉ. नरेंद्र त्यागी, रूपेंद्र सिंह दावत, निर्मल सोनी, प्रमोद कुमार और राजस्थान फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार नरेंद्र कुमार रेगर सहित अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
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