[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

“जमीन बचाओ” की गूंज: रेल लाइन के खिलाफ किसानों का बिगुल, विधायकों तक पहुंचा विरोध


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़नवलगढ़राजस्थानराज्य

“जमीन बचाओ” की गूंज: रेल लाइन के खिलाफ किसानों का बिगुल, विधायकों तक पहुंचा विरोध

"जमीन बचाओ” की गूंज: रेल लाइन के खिलाफ किसानों का बिगुल, विधायकों तक पहुंचा विरोध

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : शैलेंद्र पारीक

नवलगढ़ : प्रस्तावित रेल लाइन को लेकर किसानों का विरोध अब तेज होता जा रहा है। नवलगढ़ से भजनगढ़ होते हुए गोठड़ा तक प्रस्तावित इस रेल लाइन के खिलाफ किसानों की आवाज अब बड़े स्तर पर किसान सम्मेलनों में गूंजने लगी है। इसकी शुरुआत पालड़ी में आयोजित किसान सम्मेलन से हो चुकी है।

सम्मेलन में रेल लाइन से प्रभावित हजारों किसान पहुंचे और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी पीड़ा रखी। किसानों ने इस संघर्ष में सहयोग और समर्थन की मांग की। किसान नेता विजेंद्र सिंह काजला ने मंच से तीखा विरोध जताते हुए कहा कि इस परियोजना में किसानों के साथ घोर अन्याय हो रहा है और हजारों किसानों की जमीन बचाने की जरूरत है।

उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जा रहा, बिना पुनर्वास के मकान खाली करवाए जा रहे हैं और डराकर-धमकाकर जमीन छीनी जा रही है। साथ ही बिना किसानों की सहमति के जमीन रेलवे के नाम चढ़ाने और करीब 10 हजार किसानों को प्रभावित करने की बात भी कही गई।

सम्मेलन में उपस्थित किसानों ने एकजुट होकर इस आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान प्रभावित किसानों ने सीकर सांसद अमराराम, पीसीसी चीफ एवं लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा, मंडावा विधायक रीटा चौधरी, फुलेरा विधायक विद्याधर चौधरी और दातारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।

जनप्रतिनिधियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे। सीकर सांसद ने भी अपने संबोधन में कहा कि किसानों की कीमती जमीन पर उद्योगपतियों की नजर है और उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा।

सम्मेलन के बाद किसानों ने निर्णय लिया कि अब इस मुद्दे को हर किसान सम्मेलन में उठाया जाएगा और अपने हक की लड़ाई को और तेज किया जाएगा।

ज्ञापन देने वालों में मामराज मूंड, ताराचंद भास्कर, भंवर गुर्जर, मोहम्मद फारूक, शिवपाल मील, रामलाल मील (कैप्टन), प्यारेलाल, हरिराम, नेमीचंद मूंड, रघुवीर काजला, टोडरमल, बजरंग, नंदलाल गर्वा सहित कई किसान मौजूद रहे।

Related Articles