झुंझुनूं में प्रशासन की बेरुखी: 2020 की रसीद, 2026 तक नाली का इंतजार!
वार्ड 24 में फूटा गुस्सा, जन आंदोलन की चेतावनी
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : चंद्रकांत बंका
झुंझुनूं : “रसीद कटवाए 6 साल हो गए, पर सीवरेज कनेक्शन आज तक नहीं मिला!” – वार्ड नंबर 24 स्थित मोदियों की जाव क्षेत्र के निवासियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। क्षेत्र में बदहाल हालात के चलते लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
मामला क्या है?
वार्डवासियों के अनुसार वर्ष 2020 में ही नगर परिषद में सीवरेज कनेक्शन के लिए रसीद जमा करवाई जा चुकी थी, लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं दिया गया। इस दौरान क्षेत्र की नालियां जाम हो चुकी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।
दूसरी ओर, नगर परिषद पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए लोगों का कहना है कि अधिकारी और कर्मचारी लगातार बहाने बना रहे हैं। कभी कहा जाता है कि “L&T/DRD का काम लंबित है”, तो कभी फाइल गुम होने या सर्वे अधूरा होने की बात कही जाती है।
वहीं, L&T/DRD से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि मुख्य लाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है और केवल 32 घरों के कनेक्शन जोड़ने बाकी हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि नगर परिषद की ओर से NOC मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
हालात बद से बदतर
मोदियों की जाव क्षेत्र में गंदगी और बदबू से लोगों का जीना दूभर हो गया है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर नगर परिषद और जिला प्रशासन किसका इंतजार कर रहा है? क्या किसी बड़े हादसे या महामारी के बाद ही व्यवस्था सुधरेगी?
अल्टीमेटम: 7 दिन में काम शुरू नहीं तो आंदोलन
वार्डवासियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 7 दिनों के भीतर सीवरेज कनेक्शन का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो नगर परिषद के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासन से उठ रहे सवाल
- जब 2020 में रसीद जमा हो गई थी, तो 6 साल तक कार्य क्यों लंबित रहा?
- L&T/DRD काम के लिए तैयार है, तो नगर परिषद NOC क्यों जारी नहीं कर रही?
- क्या आम जनता को मूलभूत सुविधाएं पाने के लिए भी आंदोलन करना पड़ेगा?
- क्या वार्ड 24 को झुंझुनूं शहर का हिस्सा नहीं माना जा रहा?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब वे चुप बैठने वाले नहीं हैं और अपने हक के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।
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