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जीएसटी विभाग की कार्रवाई की टैक्स बार एसोसिएशन ने की कड़ी भर्त्सना


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जीएसटी विभाग की कार्रवाई की टैक्स बार एसोसिएशन ने की कड़ी भर्त्सना

जीएसटी विभाग की कार्रवाई की टैक्स बार एसोसिएशन ने की कड़ी भर्त्सना

झुंझुनूं : उत्तरप्रदेश के रामपुर में एडवोकेट समर्पण जैन के खिलाफ जीएसटी विभाग द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर को लेकर दी टैक्स बार एसोसिएशन राजस्थान ने कड़ी नाराजगी जताई है। एसोसिएशन ने विभागीय कार्रवाई को अनुचित एवं निंदनीय बताते हुए इसकी भर्त्सना की है।

मामले के अनुसार एडवोकेट समर्पण जैन ने अपने मुवक्किल की ओर से जीएसटी अधिनियम की धारा 107 के तहत अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर करते समय करदाता के क्रेडिट लेजर में उपलब्ध राशि में से अपील पूर्व जमा (प्री-डिपॉजिट) की 10 प्रतिशत राशि समायोजित की थी। इस पर स्थानीय जीएसटी अधिकारियों ने इसे अपराध मानते हुए उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं में पुलिस में एफआईआर दर्ज करवा दी।

इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीएसटी विभाग को कड़ी फटकार लगाते हुए विभागीय कार्रवाई की भर्त्सना की है। वहीं दी टैक्स बार एसोसिएशन राजस्थान ने भी इस प्रकरण में भारत के मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, बार काउंसिल ऑफ इंडिया तथा बार काउंसिल ऑफ उत्तरप्रदेश को पत्र भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

दी टैक्स बार एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. उमराव सिंह यादव ने कहा कि किसी अधिवक्ता द्वारा अपने मुवक्किल के निर्देशानुसार व्यावसायिक कर्तव्यों का निर्वहन करने पर उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने अपने विशेष निर्देश संख्या CBEC-20001/2/2022-GST, 06 जुलाई 2022 के माध्यम से प्री-डिपॉजिट के लिए इस प्रकार के समायोजन को अनुमत किया हुआ है।

एसोसिएशन ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से अधिवक्ताओं के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कार्य निष्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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