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रीडर संदीप भोजक को हटाने की मांग तेज, दो दिन का अल्टीमेटम


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रीडर संदीप भोजक को हटाने की मांग तेज, दो दिन का अल्टीमेटम

रीडर संदीप भोजक को हटाने की मांग तेज, दो दिन का अल्टीमेटम

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान

सरदारशहर : क्षेत्र में प्रशासनिक पारदर्शिता और कानून व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सरदारशहर विकास मंच के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में मंच के पदाधिकारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपखंड मजिस्ट्रेट रामगोपाल वर्मा को ज्ञापन सौंपकर रीडर संदीप भोजक को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।

पहले भी उठ चुके हैं विरोध के स्वर
ज्ञापन में बताया गया कि संदीप भोजक के खिलाफ करीब डेढ़ महीने पहले अभिभाषक संघ द्वारा निंदा प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। वहीं पंचायत समिति की बैठक में, जिसमें स्वयं एसडीएम मौजूद थे, जनप्रतिनिधियों ने भी कार्रवाई की मांग उठाई थी।

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
विकास मंच ने आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत रहने के दौरान भी संदीप भोजक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। इस दौरान कई बार धरना-प्रदर्शन हुए और सोशल मीडिया पर भी शिकायतें सामने आईं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में कार्यकाल के दौरान भी वह विवादों में रहे, जिसके चलते उनका स्थानांतरण किया गया। इसके बावजूद जांच लंबित रहते हुए उन्हें एसडीएम कार्यालय में रीडर नियुक्त कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

एसीबी कार्रवाई का दावा, बढ़ता जनाक्रोश
मंच ने दावा किया कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा भी कार्रवाई हो चुकी है। साथ ही उनके व्यवहार को लेकर विभिन्न स्थानों पर विवाद की स्थिति बनी रही है। मंच के अनुसार, सैकड़ों लोग इससे प्रभावित हैं और समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है।

एसडीएम बोले—“कोई शिकायत नहीं मिली”
ज्ञापन सौंपने के दौरान राजेंद्र पुरोहित ने एसडीएम रामगोपाल वर्मा से कहा कि उनके पास कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं, लेकिन इस पर एसडीएम ने जवाब दिया कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। इस पर पुरोहित ने बताया कि पिछले एक महीने से वकीलों का बहिष्कार जारी है और उन्हें फोन पर धमकियां भी मिली हैं, जिसकी शिकायत पुलिस थाने में दी गई है।

नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मंच का आरोप है कि पंचायत समिति, जिला परिषद और वकीलों द्वारा 60-70 से अधिक ज्ञापन दिए जाने के बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

दो दिन का अल्टीमेटम
विकास मंच ने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।

स्थानांतरण की मांग
मंच और अन्य संगठनों ने मांग की है कि संदीप भोजक को तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। मंच ने स्पष्ट किया कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर जनआंदोलन उग्र रूप ले सकता है।

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