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सीकर में व्यापारी बोले- 1 इंच जमीन नहीं देंगे:नेशनल हाईवे पर 75 मीटर तक निर्माण तोड़ने का विरोध, आदेश को बताया- काला कानून


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सीकर में व्यापारी बोले- 1 इंच जमीन नहीं देंगे:नेशनल हाईवे पर 75 मीटर तक निर्माण तोड़ने का विरोध, आदेश को बताया- काला कानून

सीकर में व्यापारी बोले- 1 इंच जमीन नहीं देंगे:नेशनल हाईवे पर 75 मीटर तक निर्माण तोड़ने का विरोध, आदेश को बताया- काला कानून

सीकर : राजस्थान के सभी नेशनल हाईवे को 75 मीटर चौड़ा करने के हाईकोर्ट के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। सीकर में जयपुर-बीकानेर बाइपास के व्यापारियों ने सोमवार को रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कोर्ट के आदेश को काला कानून बताया। ज्ञापन में लोगों और व्यापारियों ने नेशनल हाईवे की सेंटर लाइन का सर्वे करवाने सहित कई मांगें की।

व्यापारियों ने कहा- पहले तय नियमों के मुताबिक जगह छोड़कर निर्माण किया था। इसके अलावा 1 इंच जमीन भी नहीं देंगे। सरकार ने इस आदेश की पालना को वापस नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

व्यापारियों ने सीकर में रैली निकाल कर प्रदर्शन किया।
व्यापारियों ने सीकर में रैली निकाल कर प्रदर्शन किया।
व्यापारियों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

व्यापारी बोले- यह मनमाना और अवैध फैसला

व्यापारी महेश और नेमीचंद ने कहा- नेशनल हाईवे को 75 मीटर चौड़ा करने के नाम पर आमजन की संपत्ति में तोड़फोड़ की जा रही है। नेशनल हाईवे की चौड़ाई निर्धारित करने का कोई ऑथोराइज डाटा नहीं है। बिना सेंटर लाइन के निर्धारण के 75 मीटर सीमा लागू करना पूरी तरह मनमाना और अवैध है। सड़क चौड़ी करने के लिए अतिक्रमण के साथ प्राईवेट प्रॉपर्टी को भी तोड़ा जा रहा है। निजी स्वामित्व कानून के आधार पर प्राइवेट प्रॉपर्टी को अतिक्रमण नहीं माना जा सकता है।

कहा- मुआवजा भी निर्धारित नहीं

व्यापारियों ने कहा- निर्माण तोड़ने के लिए मुआवजा भी निर्धारित नहीं किया गया है। ऐसी कार्रवाई से लोगों को आर्थिक और मानसिक तौर पर परेशान होना पड़ेगा। नेशनल हाईवे के आसपास बसे लोगों ने ज्ञापन देकर नेशनल हाईवे की सेंटर लाइन का सर्वे करवाने, सर्वे होने तक निर्माण तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाने, प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने, 75 मीटर तक निर्माण हटाने की कार्रवाई निष्पक्षता से करवाने, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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